याद किए गए सुभाष चंद्र बोस

शहर में कई जगह सुभाष चंद्र बोस को याद किया गया ।देवकुल सामाजिक विकास संस्थान के तत्वाधान में गुरुकुल मुफ्त शिक्षण केंद्र देवदत्तपुर दाऊदनगर में सुभाष चंद्र बोस और कर्पूरी ठाकुर के जन्मदिन के अवसर पर एक परिचर्चा आयोजित किया गया परिचर्चा का विषय था वर्तमान परिवेश में भारत के इन वीर सपूतों के आदर्शों की प्रासंगिकता.
परिचर्चा में भाग लेते हुए शिक्षक गोपेन्द्र कुमार सिन्हा गौतम ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस और कर्पूरी ठाकुर जैसे महान लोग धरती पर विरले ही पैदा लेते हैं.अगर इन लोगों के द्वारा स्थापित प्रतिमानों और आदर्शों को लोग अपना ले तो न तो लोकतंत्र पर खतरा महसूस होगा नहीं लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोग उंगली उठाएंगे.पर वर्तमान में दिखता ठीक इसके उल्टा है.आज राजनीति को लोग रोजगार और धन कमाने का साधन मान चुके हैं,जो कभी सेवा का क्षेत्र हुआ करता था.हद तो तब हो गई जब व्यवस्थापिका और न्यायपालिका में बैठे हुए लोग भी अपने पद की प्रतिष्ठा को किनारे रखते हुए पैसा और संपत्ति को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देने लगे,जिससे आज भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्थाओं पर भी संदेह के बादल मंडराने लगे जोकि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है.उन्होंने देशवासियों और खास करके नौजवान लोगों से अपील कि है कि सुभाष चंद्र बोस और कर्पूरी ठाकुर के बताए गए पदचिन्हों को अपनाएं और भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाएं आज की इस परिचर्चा में अवकाश प्राप्त शिक्षक देवेंद्र कुमार सिन्हा,कुमार विवेक,निशा कुमारी,गुलाबसा परवीन,सानिया परवीन,लवकुश शाह,रवि रंजन विश्वकर्मा,राजरतन कुमार,वेदप्रकाश,यासमीन फरहत,अदीना परवीन,अंबरशबा आदि लोगों ने भाग लिया.

वंही दूसरी तरफ अभाविप द्वारा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती के मौके पर मंगलवर को लक्ष्मी भवन में अभाविप दाउदनगर के कार्यकर्तओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रधांजलि दी और संगोष्ठी आवजीत की जिसका नैरतित्व नगरसह मंत्री रवि कुमार ने किया ।
श्री रवि ने कहा कि भारतीयों की पीढियां उन्हें उनकी बहादुर और देशभक्ति के कारण वे विभिन्न पीढ़ियों के भारतीयों के अज़ीज़ है । वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानतम नायको में से एक है उन्होंने अपने पराक्रम ,साहस और देशभक्ति से असंख्य सेना और पुलिस में जय हिंद कह कर अभिवादन किया है ए नारा सुभाषचन्द्र ने ही दिया था ।सुमित भारती ने बताया कि उनके द्वारा दिया गया एक और नारा बहुत प्रसिद्ध तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा ।सौरभ राजपूत ने कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए लोगो मे देशभक्ति की आग जलाई थी इस मौके पर रविशंकर कुमार,चंदन कुमार,प्रदुमन कुमार,दीपक कुमार,प्रिंश कुमार,राजन राज ,लाल बाबू, हिमांशु कुमार,रोहित कुमार,टुनटुन कुमार,आनंद मोहन, श्रीकांत कुमार ,मन्नू मिश्र आदि उपस्थित रहे ।

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