रचनात्मक कला के प्रदर्शन से छात्रों में होता है रचनात्मक विकास- डॉक्टर चंद्रा

शरद ऋतु से बसंत ऋतु के आगमन के साथ साथ सरस्वती पूजा के उपलक्ष में दाउदनगर स्थित भगवान प्रसाद सिवनाथ प्रसाद बीएड कॉलेज में रंगोली बनाई गई। वहाँ के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगोली बना कर अपनी कला का प्रदर्शन किया गया। कॉलेज के सचिव डॉक्टर प्रकाश चंद्रा ने कहा कि बसंतोत्सव की तैयारी में छात्रों के बीच एक उत्साह सा दिखता है। इस ऋतु परिवर्तन पर माँ सरस्वती जो विद्या कि आराध्यदेवी हैं उनकी पूजा में छात्र लग जाते हैं। संस्था के छात्राओं ने कहा कि रंगोली के माध्यम से हम अपनी कला को प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहे हैं।

इस कॉलेज के छात्रों द्वारा सूबे के मुख्यमंत्री के आह्वान पर मानव ऋंखला में भाग लिया गया। मानव ऋंखला में शामिल छात्राओं में एक उत्साह सा दिखा।उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा के खिकाफ इस समाज को एक संदेश देने का काम किया जा रहा है। लोग जागरूक होंगे और जागरूकता से दहेज और बाल विवाह पर समाज की बड़ी जीत होगी। दहेज के कारण कई महिलायें अपनी जान गवाँ बैठती हैं। हम सब को ना तो दहेज लेना चाहिए और ना दहेज देना चाहिए।

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