मूलभूत कार्यों को भूल कर मानव ऋंखला में ध्यान दिया जा रहा है- पूर्व मंत्री

दाउदनगर के पुराना शहर स्थित प्राथमिक बालिका विद्यालय में आज दिनांक 20 जनवरी को बिहार राज्य के भूतपूर्व मंत्री आलोक मेहता का आगमन हुआ। जिसका स्वागत इस स्कूल की शिक्षिका मधुमिता कुमारी और तालीमी मरकज के सेवक गुलिस्ता नाज ने माला पहनाकर कर किया। सम्बोधन में उन्होंने ने कहा कि आज की हमे देश की आधी आबादी की चिंता नही बल्कि हमे पूरी आबादी की चिंता है। हम सभी को बाल विवाह और दहेज प्रथा को बंद करना होगा। दहेज का क़ानून पुराना है, बाल विवाह और दहेज प्रथा को लेकर प्रचार प्रसार हो रहा है और लोगों में जागरूकता भी आ रही है। मगर इस प्रकार की मानव ऋंखला तैयार करने के लिए सरकारी तंत्र का उपयोग कहाँ तक जायज़ है? पदाधिकारी गण मानव ऋंखला की तैयारी में लगे हैं और मूलभूत कार्यों को कुछ दिनों के लिए दरकिनार कर दिया गया है।

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