
15वां यूनिवर्सल रंग महोत्सव, देहरादून में दाउदनगर और औरंगाबाद के कलाकारों ने अपने अभिनय एवं लेखन का ज़बरदस्त प्रदर्शन कर विजेता का तमग़ा अपने नाम कर लिया है। राष्ट्रीय स्तर के इस नाट्य प्रतियोगिता में धर्मवीर भारती द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक “आधी-आबादी” की प्रस्तुति को सबसे बेहतर माना गया। इस नाटक की प्रस्तुति नाट्य भारती ग्रूप के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई जिसमें ज़्यादातर कलाकार दाउदनगर से लगाव रखते हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन उतराखंड के देहरादून शहर में यूनिवर्सल नाट्य विद्यालय, अस्थला, मालदेवता, देहरादून और उत्तराखंड कला संस्कृति विभाग द्वारा की गई थी।
आधी-आबादी नामक इस नाटक की प्रस्तुति ने सिर्फ़ औरंगाबाद ही नहीं बल्कि बिहार की पूरी आबादी को किया है गौरान्वित।

युवा रंगकर्मी धर्मवीर भारती द्वारा परिकल्पना, लिखित एवं निर्देशित नाटक “आधी आबादी” को प्रथम पुरस्कार, इप्टा, मेरठ द्वारा मंचित, सुशील कुमार लिखित और शांति वर्मा द्वारा निर्देशित नाटक को द्वितीय और राजेश व्यास, गुजरात के नाटक नहले पे दहले को तृतीय पुरस्कार मिला।
धर्मवीर भारती ने बताया की आधी आबादी “आधी आबादी” एक प्रयोगात्मक नाटक है। नाटक का विषय वस्तु या दृश्य प्राचीन भी है, और प्रासांगिक भी। अगर नाटक के विषय के गर्भ में जाएं तो भारत वर्ष के संविधान में महिलाओं और पुरुषों को बराबर का दर्जा प्राप्त है। लेकिन विडंबना है कि दिल और दिमाग़ में आज भी यह देश पुरुष प्रधान है। समाज में यही पुरुष प्रधानता वाली व्यवस्था महिलाओं के लिए नर्क से गई गुजरी स्थिति पैदा करती है। वर्तमान सामाजिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए श्री भारती ने कहा कि नाटक में दिखाई गई सभी घटनाएं काल्पनिक नहीं है सिर्फ पात्र काल्पनिक है।
धर्मवीर भारती ने बताया की वरिष्ठ रंगकर्मी, भाजपा नगर मंत्री और वार्ड 23 के वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि धीरज अजनबी ने नाट्य ग्रुप का मनोबल बढ़ाया, रिहर्सल के लिए जगह भी उपलब्ध कराई और आर्थिक मदद भी की। ह्यूमैनिटी सचिव ओमप्रकाश प्रीत ने कहा कि जल्द ही औरंगाबाद में वरिष्ठ रंगकर्मियों और आम नागरिकों के सहयोग से नाट्य उत्सव का आयोजन किया जायेगा। ओम प्रकाश प्रीत, मधुलिका रानी, रणवीर कुमार, संकेत सिंह, पप्पू कुमार, अमर कुमार, कौटिल्य किशोर, विशाल राय, दीपा रानी, अंजन सिंह, मनोज मुस्कान के दमदार अभिनय के कारण नाट्य भारती ग्रुप ने औरंगाबाद को नव वर्ष का विशेष तोहफा दिया।