बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट)के महासचिव सत्येन्द्र कुमार ने महासंघ (गोप गुट)के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद एवं महासचिव प्रेमचन्द सिन्हा की ऐ एन एम् नर्सों की राज्य स्तरीय हड़ताल में समर्थन एवं सहयोग करने के कारण की गई गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है तथा इसे राज्य सरकार की तानाशाही-फासिस्ट सोच से प्रेरित एक घृणित कार्रवाई बताया है ।श्री कुमार ने राज्य सरकार को आगाह किया है कि यदि शीघ्र ही उक्त दोनों कर्मचारी नेताओं तथा साथ में गिरफ्तार दो ए एन एम्(नर्सों) की नेत्रियो को रिहा नहीं किया गया तो बिहार के साढ़े-चारलाख शिक्षक भी सरकार के विरूद्ध सड़कों पर उतरने को बाध्य हो जायेंगे जिसकी सारी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी ।उन्होंने कहा कि कल दिनांक:-18-12-2017को अपराह्न 02बजे के करीब उक्त दोनों को शिष्टमंडल वार्ता के लिए नया सचिवालय में बुलाकर उनकी धोखे से की गई गिरफ्तारी से राज्य सरकार की साख पर एक बड़ा प्रश्न-चिन्ह खड़ा हो गया है !उन्होने राज्य सरकार को एक बार फ़िर से चेताया है कि यदि शीघ्र वार्ता कर के ANM(R)की माँगो को मानते हुए उनकी हड़ताल को तुड़वाने की कार्रवाई राज्य सरकार नहीं करती है तो सरकार की दमनात्मक कार्रवाई से आन्दोलन और ज्यादा तेज होगा जिसका खामियाजा देर-सवेर राज्य सरकार को ही भुगतना होगा ।