
प्रिंस राज, एसपीजी(स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप)
अपने शहर दाउदनगर में नहीं है एक भी स्टेडियम। जबकि यहां का लगभग हर युवा और अधेड़ किसी न किसी राजनैतिक या गैर राजनैतिक दल से जुड़ा हुवा है। यह घोर आश्चर्य का विषय है। पढ़ा था बचपन में- स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मष्तिष्क का विकास होता है। यह बेहतर खेल-कूद के माहौल से ही सम्भव है। शाशन- प्रशाशन को चाहिए की तत्काल एक सुंदर स्टेडियम का निर्माण सुनिश्चित हो।यहां क्रिकेट, फुटबाल या अनुमंडलस्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता कराना हो तो इसके लिए एक खेल स्टेडियम की जरूरत है जो आज तक नहीं बन सकी।
एक असफल प्रयास किया गया था स्टेडियम के सम्बन्ध में। राष्ट्रिय उच्च विद्यालय के छोटे से खेल मैदान को स्टेडियम में बदलने का प्रयास हुवा था। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को लगने लगा कि अब बड़े शहरों की तरह हमलोगों के शहर में भी स्टेडियम होगा। लेकिन धीरे-धीरे इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया ।उक्त स्टेडियम अब अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा! शाशन-प्रशाशन को चाहिये कि एक सुंदर और वृहत स्टेडियम का निर्माण बहुत जल्द किया जाये।
दाउदनगर के युवाओं ने काफी तादाद में सेना और पुलिस में नौकरी प्राप्त की है। वह भी बिना किसी प्रोत्साहन या संसाधन के! अगर युवाओं को उचित संसाधन और प्रोत्साहन दी जाये तो वो देश विदेश में अपना सिक्का जमा सकते हैं। कई युवाओं ने एथलेटिक्स में मुकाम बनाया पर प्रोत्साहन के अभाव में आज पंजाब- दिल्ली में मजदूरी करने को मजबूर हैं। अतः यह आवश्यक है कि एक स्टेडियम का निर्माण यथा शीघ्र हो था बेहतर माहौल युवाओं को दी जाये।