स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मियों ने लिया धरना प्रदर्शन करने का निर्णय

बिहार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा औरंगाबाद एक बैठक आई एम ए हॉल में आहूत हुई. बैठक की अध्यक्षता जिला शाखा के अध्यक्ष डॉक्टर कुमार मनोज द्वारा की गई. ज्ञात हो कि अपने विभिन्न मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है. बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन के द्वितीय चरण में निर्धारित योजना अनुसार दिनांक 28. 11. 2017 धरना प्रदर्शन किया जाएगा. इस अवसर पर संगठन को मजबूत करने के लिए नए पदाधिकारियों का चयन किया गया. मनोज कुमार शर्मा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोनीत किया गया. .संगठन को मजबूत करने के लिए सर्वसम्मति से कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया तथा वित्तपोषण के लिए रणनीति निर्धारित की गई. इस अवसर पर जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर पर विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी उपस्थित रहे. सभा को विकास रंजन विकास शंकर, दीपक कुमार, डॉ विभूति प्रसन्ना, डॉक्टर अमित कुमार मोहम्मद शमी, डॉक्टर मुकेश कुमार, डॉक्टर मनोज कुमार शर्मा अश्विनी कुमार ने संबोधित किया.

ज्ञात हो कि वर्ष 2006 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की स्थापना बिहार में की गई थी. इस मिशन के अंतर्गत जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक कर्मियों का नियोजन किया गया था तथा कर्मियों के सामूहिक प्रयास से स्वास्थ्य सेवा में व्यापक सुधार पाए गए हैं. उल्लेखनीय है कि शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, प्रजनन दर, ओपीडी, संस्थागत प्रसव, अस्पतालों का प्रबंधन एवं सौंदर्यीकरण तथा विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्तर एवं प्रखंड स्तर पर गठित कार्यक्रम प्रबंधन इकाईयों से जुड़े सभी कर्मी पिछले 10 वर्षों से अपनी सेवा स्वास्थ्य विभाग में दे रहे हैं जिनमें से कुछ चिकित्सक एवं एएनएम संवर्ग के पदों का नियमितीकरण कर दिया गया है परंतु प्रबंधकीय कार्य से जुड़े कर्मियों
तथा अन्य पद धारकों की सेवा को नियमितिकरण नहीं किया गया है अथवा मानव संसाधन नीति निर्माण नहीं की गई है. सरकारी उदासीनता के कारण इन स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश एवं असंतोष है. नतीजतन बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चरणबद्ध आंदोलन का आह्वान किया है.

आंदोलन के चरण:

1. प्रथम चरण में दिनांक 20. 11 2017 से 25 .11. 2017 तक जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य संविदा कर्मी पदाधिकारी कार्यरत रहते हुए काली पट्टी लगाकर विरोध किया गया।

2. दिनांक 25. 11. 2017 तक इस संबंध में विभाग द्वारा कोई विचार नहीं किया जाता तो दिनांक 28. 11. 2017 को मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा.

3. राज्य सरकार द्वारा टालमटोल की नीति अपनाई जाती है तो समस्त स्वास्थ्य संविदा कर्मी चिकित्सा पदाधिकारी दिनांक 04.12. 2017 से सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे.

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग

1. 7 वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के विभागीय आदेश 997 (4) दिनांक 22-8-2017 द्वारा राज्य स्तर से नियुक्त संविदा कर्मियों को दिए गए मान के अनुरूप ही राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत कार्य कर रहे समस्त पदाधिकारी कर्मी के वेतन का निर्धारण वित्तीय वर्ष 2017-18 में किया जाए.

2. राज स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत कार्यरत सभी पदाधिकारी कर्मियों के के लिए मानव संसाधन नीति बनाई जाए.

3. संविदा नवीनीकरण के कोप से मुक्त करते हुए कम से कम 65 वर्ष की उम्र तक कार्य करने की सीमा निर्धारित की जाए.

4. संविदा कर्मियों के आकस्मिक मृत्यु के पश्चात अनुकंपा का लाभ एवं एकमुश्त अनुग्रह राशि का प्रावधान आश्रितों के लिए किया जाए.

5. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार एवं जिला स्वास्थ्य समिति बिहार अंतर्गत सभी पदाधिकारी कर्मी के EPF की कटौती अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित किया जाए.

6. राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के गवर्निंग बॉडी में .संघ के पद धारकों को भी सदस्य के रूप में नामित किया जाए

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के के इस चरणबद्ध आंदोलन में जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत कार्यरत प्रबंधकीय पदों के पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में कार्यरत पदाधिकारी एवं कर्मी, MBBS चिकित्सक, दंत चिकित्सक, आरबीएस के कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत फार्मासिस्ट, एएनएम, पुनरीक्षित यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रयोगशाला प्रावैधिक, एस टी एल एस, एसडीएस, डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं कार्यालय सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर स्तर के कर्मचारी सम्मिलित होंगे.

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