
पिंटू कुमार आर्य की रिपोर्ट:-
दाउदनगर इतिहास पौराणिक है और समय के साथ दाउदनगर बदलता गया जैसे जनसँख्या बढ़ता गया,शहर का दायरा बढ़ता गया, लोग बदलते गए,नए नए अधिकारी आते गए, लेकिन नही कुछ बदल तो यहां का आर्थिक और भौगोलिक परिवेश,
दाउदनगर विकशित परिवेश में आने लगा संसाधन के साथ साथ जगह कम पड़ता गया।इस बीच लोगो के प्रति एक नए सूरज की किरण एच. सी.सी.ने लोगो को दिखाया पार्क के रूप में जिससे लोग को मन पुलकित हो गए लेकिन सीमित क्षेत्र में एक पार्क का निर्माण हुआ और बोला गया कि यह पार्क दाउदनगर वाशियो के लिए समर्पित है।लेकिन सच कुछ और ही है यह पार्क हमेशा बंद रहता है।बनने दिन से कभी आम जनता के लिए कभी खोला ही नही गया।विदित हो कि इस मुद्दे को एक दैनिक खबर ने भी उठाया था लेकिन अफसोश की फिर भी कोई बदलाव दिखाई नही दिया।यह पार्क दाउदनगर के लिए सिर्फ एक शोभा मात्र बना हुआ है