शौचालय का अभाव बना शहर की सुंदरता पर दाग

पिंटू कुमार आर्य की रिपोर्ट:-

दाउदनगर की आबादी दिन प्रति दिन बढ़ते जा रही है और दाउदनगर को नगरपंचायत से नगर परिषद का दर्जा भी मिल गया,यहां अनुमंडल परिषर भी सुदृढ़ हो गया।लेकिन शहर आज भी एक बदहाली की दंभ झेल रहा है।और वह दम्भ शौचालय की है।शहर की आधी आबादी नगर परिषद में है तो आधा आबादी पंचायत में,लेकिन निवारण न तो पंचायत करती है और न ही अब नगर परिषद,
शहर में न सिर्फ नगर वाशी अपितु दूर दराज से लोग मार्किट करने आते है जिसमें औरत और मर्द दोनो ही होते हैं लेकिन मौके पर शौच की परेशानी जब आती है तो पुरुष तो कही भी जगह देख कर कहि भी शूरू हो जाते है लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी औरतों को होती है जिससे छुटकरा नही मिलता इसलिए इन्हें भी लज्जा को भूल कर कहि भी सुरु होना मजबूरी पड़ती है जबकि कुछ चाह कर भी शुरू नही हो पाते।
इस बाबत देखा जाय तो पूरी शहर स्वच्छता अभीयान को तमाचा जड़ता हैं।
क्या कहते है युवा राजद के प्रदेश सचिव
राजद के प्रदेश सचिव श्री अरुण कुमार सिंह जी से जब इस मुद्दे पर किया गया तो उन्होंने कहा कि जब एन. एच. का चौड़ीकरण हो रहा था उस समय हमने प्रयास किया था की भखरूवा मोड़ स्थित यात्री शेड को जब हटा जय तो उसके स्थान पर सुलभ सौचलय का जनहित के लिये निर्माण हो,और प्रयाश सार्थक होते नजर आ रहा था।लेकिन कुछ स्थानीय ब्यवसायिको ने और कुछ अधिकारी के साथ साथ एक न्यूज के संवादाता मिल कर उस सौचलय का निर्माण को रोक दिया था।जिसे अब तक नही बनने दिया गया।लेकिन अब फिर से एक बार प्रयाश करते है लेकिन प्रयाश सार्थक होता भी है तो फिर मुद्दा आ जायेगा जमीन का।
क्या कहते है बी.जे.पी. के जिला प्रवक्ता
बी.जे.पी.के जिला प्रवक्ता श्री अश्विनी तिवारी कहते है कि यह मामला सच गम्भीर है,इस मुद्दे को हम स्थानीय सांसद श्री उपेंद्र कुशवाहा जी से बात कर के उनसे सौचलय का मांग करूँगा।
विदित हो कि समय समय पर मीडिया और अन्य दलों के द्वारा यह मुद्दा उठाते रहा गया है लेकिन अब तक न तो प्रशासन जगी है और नही सम्बंधित पंचायत ओर नही नगर परिषद।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.