
चाणक्य युवा संघ दाउदनगर का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामानुज पांडे ,मानवाधिकार आयोग के पूर्व जिला अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ,चाणक्य युवा संघ के अध्यक्ष सुनील दुबे, उपाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, सचिव धीरज पाठक, सदस्य रवि पांडे, कुटुंबा प्रखंड के झिकटिया गांव के स्व.मिथिलेश पांडे के परिजनों से मिलकर उनका हालचाल जाना तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग किया पीड़ित परिवार को भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार पूरी मदद का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पीड़ित परिजनों से कुशल क्षेम पूछने के क्रम में जो जानकारी मिली तो काफी दुखद और चिंतनीय है। मिथिलेश पांडे का परिवार भूमिहीन परिवार है निहायत ही गरीबी में उस परिवार का जीवन बसर हो रहा था कि मिथिलेश पांडे का युवावस्था में बीमारी से मृत्यु हो गई उनके परिवार में एक वृद्ध माता एक बेवा पत्नी और दो छोटी छोटी बच्चियां है ।जीवन बसर को दो कमरों का कच्चा मकान है और उस परिवार का अब कोई खेवनहार नहीं है सबसे दुखद जानकारी मिली कि किसी भी स्तर का कोई भी जनप्रतिनिधि मदद तो दूर की बात है उस पीड़ित परिवार को सांत्वना का दो शब्द कहने नहीं आया इस बात को लेकर उपस्थित सारे ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश दिखा ग्रामीणों ने कहा कि देश का हो प्रदेश का हो या पंचायत का वोट लेने के लिए सब लोग आते हैं लेकिन दुख की घड़ी में हमारा छोटा गांव होने के कारण जनप्रतिनिधि उपेक्षा करते हैं इस घटना में जनप्रतिनिधियों का नहीं आना और माननीय और संवेदनहीन होने का जीता जागता उदाहरण है ।

भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष रामानुज पांडेय ने कहा कि अखबार और सोशल मीडिया में जनप्रतिनिधियों का क्षेत्र में भ्रमण करने का और अपने चहेते के घरों में जाने का समाचार रोज आ रहे रहे हैं लेकिन 2 महीने घटना को हो गए पर अब तक कोई भी जनप्रतिनिधि इस परिवार से मिलना मुनासिब नहीं समझा जो की घोर निंदनीय है चाणक्य संघ के अध्यक्ष सुनील दुबे ने कहा कि वोट के लोलुप्त जनप्रतिनिधियों से समाज को आगाह कराने का काम किया जाएगा। और समाज में ऐसी कही भी कोई घटना घटेगी इसी तरह तत्पर होकर हमारे संग के तमाम सदस्य सुख दुख में भाग लेंगे मिथिलेश पांडे के मृत्यु के बाद उस परिवार के साथ पूरे जी कटिया गांव के लोग जिस प्रकार से खड़े होकर संभल देने का काम किया और आज भी कर रहे हैं प्रतिनिधिमंडल ने पूरे गांव के लोगों की प्रशंसा की और कहा कि ग्रामीणों का कार्य प्रशंसनीय ही नहीं बल्कि अनुकरणीय है इस मौके पर झिकटिया गांव निवासी पूर्व शिक्षक परशुराम सिंह कमलेश सिंह लक्ष्मी नारायण सिंह और अनिल सिंह उपस्थित थे