
विश्व आयोडीन दिवस के अवसर पर आयोडीन के कमी से होने वाले दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक एवं दैनिक जीवन में आयोडीन के उपयोगिता को लेकर सदर अस्पताल औरंगाबाद मे में कार्यक्रम स्विविल सर्जन औरंगाबाद के अध्यक्षता में आयोजित किया गया। आयोडीन से होने वाले फायदे व इसके कमी से होने वाले दुष्प्रभाव पर विस्तृत चर्चा सदर अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा किया गया। ईस अवसर पर चिकित्सावों ने बताया की आयोडीन के कमी से घेंघा,मानसिक एवं स्नायु तंत्र की दुर्बलता , बौनापन , बच्चों का शारीर एवं मानसिक विकास अवरुद्ध होना, गर्भपात, जन्मजात बीमारियाँ बोलने सुनने एवं देखने की क्षमता में कमी हो सकती है! आयोडीन सामान्य रूप से दूध, अंडा एवं मछलियाँ मांश , दाल इत्यादि में पाई जाती है ! आयोडीन को दैनिक आवश्यकताएं सामान व्यक्ति के लिए अवसतन १५० माइक्रो ग्राम होती है। मुख्य रूप से आयोडीन के कमी से होने वाले रोग एवं इससे होने वाले फायदे पर चर्चा कर लोगों को जागरूक किया गया!
और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया गया सिविल सर्जन औरंगाबाद द्वारा बताया की विश्व आयोडीन दिवस के आयोजन का उद्देश्य जनमानस को आयोडीन की उपयोगिता को लेकर जागरूकता फैलाना है ! आयोडीन के प्रति जागरूक करने हेतु आगे एक एक सप्ताह तक समुदाय स्तर पर लोगों को आशा के माध्यम से जानकारी डी जायेगी अ सामान्य रूप से आयोडीन का प्रयोग मानव स्वास्थ्य एवं विकास के लिए आवश्यक है !
ईस अवसर पर हमारा संदेश है की व्यक्ति अपने आहार में नियमित आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें।
ईस कार्यक्रम के सिविल सर्जन की अगुआई में सदर अस्पताल प्रांगन में उपथित मरीजों एवं परिजनों के लिए सामूहिक परामर्श सत्र की आयोजित किये गएँ ईस दौरान सिविल सर्जन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एवं जिला योजना समन्यवक जन समूह को आयोडीन से सम्बन्धित जानकारी दी!
ईस मौके पर डॉ राम कुमार प्रसाद,अधीक्षक,सदर अस्पताल औरंगाबाद,डॉ मिथिलेश प्रसाद सिंह ,डॉ आर बी चौधरी,डॉ सुनील कुमार,डॉ विभूति प्रसन्ना,अश्विनी कुमार ,जिला लेखा प्रबन्धक स्वा. समिति,औरंगाबाद,नागेन्द्र कुमार केसरी, औरंगाबाद ,विवेक रंजन,औरंगाबाद,हेमन्त राजन,अस्पताल प्रबन्धक,सुरेन्द्र कुमार ,प्रयोगशाला प्रवेधीक,ब्लड बैंक, सदर अस्पताल के कर्मिगन मिडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।