
पवन सूत हनुमान अपने जीवन में भगवान श्री रामभक्त की सेवा मे लगे रहे। आज भी श्री हनुमान जी अमर हैं। आपने आप सेवक के रुप मे रहकर प्रभु की सेवा जीवन लगाया । उक्त बातें
आचार्य रघुवंश मणि पांडेय ने
हनुमान मंदिर मे बुधवार को हनुमान जयंती समारोह में कही।
सबसे पहले भगवान हनुमान जी वस्त्र बदले गये। इसके बाद आचार्य रघुवंश मणि पांडेय के द्वारा ध्वज पूजन कराया गया। श्री पांडेय ने कहा कि आज दुनिया के धर्म शास्त्रों ने भी माना है कि श्री हनुमान जी बुद्धि मे बल मे सवेश्रेष्ढ हैं, इसलिए हम भक्तों को पुरी निष्ठा से इनकी भक्ति और पूजा करनी चाहिए और एक सेवक के रुप मे समाज व राष्ट्र की सेवा पुरी निष्ठा से करनी चाहिए ।भगवान हनुमान जी का भोग एक किंवटल लडु से लगाया गया और प्रसाद बाटा गया।भजन कीर्तन व संगीत का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी, रामजी प्रसाद ,पप्पु गुप्ता , रोहित , बिगन साव, शिवजी ,गोपाल प्रसाद,प्रभु, नन्द ,कमलेश आदि उपस्थित थे।