
अंधकार पर प्रकाश के विजय के प्रतीक दीपावली पर्व के पवित्र अवसर पर बिहार के औरंगाबाद जिले के नगर परिषद दाउदनगर वार्ड नम्बर 4 में स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय युवा मंच के द्वारा मंच के राष्ट्रीय संयोजक अनुज कुमार पांडेय के नेतृत्व में भारत के अमर बलिदानियों,भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले भारत माता के वीर सपूतों, भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सैनिकों, भारत के अंदर और बाहर प्रत्येक मोर्चे पर भारत की रक्षा करते हुए बलिदान हुए वीर जवानों, देश के विकास में अपना सम्पूर्ण जीवन लगा देनेवाले महापुरुषों एवं दीपावली के दिन भी अपने परिवार से दूर भारत की सीमा पर डटे जवानों तथा नागरिकों की सुरक्षा में लगे सैनिकों को समर्पित एक दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पवित्र पीपल वृक्ष के तले चबूतरे पर भारत माता के वीर सपूतों की तस्वीर सजा कर चबूतरे को दियों से सजाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहीद प्रमोद सिंह के भतीजे प्रभात छोटू ने आयोजकों का हृदय से अभिनन्दन किया। प्रभात ने कहा कि देशभक्ति और शहादत से बढ़कर इस दुनिया में कुछ भी नहीं है और शहीदों को समर्पित यह कार्यक्रम समाज को नई दिशा दिखाने का काम करेगा। विशिष्ट अतिथि निवर्तमान वार्ड पार्षद बसंत कुमार ने कहा कि इस आयोजन के लिए मंच की जितनी प्रशंसा की जाय वह कम है। अनुज बाबू ने ऐसे पवित्र अवसर में मुझे भी सहभागी बनाकर मुझे गौरव प्रदान किया है। अब हमारा क्षेत्र भी पूरे राज्य में विभिन्न क्रिया-कलापों के माध्यम से अपना परचम लहरा रहा है। हम भारत के वीर सैनिकों के ऋणि हैं जो आज भी अपने परिवार से दूर सीमाओं पर खड़े हैं ताकि हम शांति और उल्लास के साथ दीपावली के पर्व को मना सकें। निवर्तमान वार्ड पार्षद अनुसुइया देवी के पुत्र रवि मिश्रा ने इस अवसर पर शहीदों को नमन करते हुए ऐसे कार्यक्रम के आयोजन के लिए मंच का कोटि-कोटि धन्यवाद किया। युवा समाजसेवी तथा न्यूज वेबपोर्टल चाणक्य खबर के संस्थापक अजय कुमार पांडेय ने कहा कि वास्तव में दीपावली का पर्व तब ही सही मायने में फलीभूत होगा जब हम अपने महान पूर्वजों को यादकर उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने और समाज के अंदर के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान और देशभक्ति का प्रकाश फैलाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने अपने पड़ोसी और देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर सैनिक प्रमोद सिंह को भी याद किया। कार्यक्रम को राहुल मिश्रा, अभिषेक कुमार आर्या, विश्वजीत मिश्रा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर अभय कुमार पांडेय, दिव्यांग एक्यूप्रेशर चिकित्सक डॉक्टर विकास मिश्रा, डॉक्टर सन्तोष मिश्रा,नन्दकिशोर आदित्य, राजेश कुमार, रंजय कुमार, प्रफुल्लचन्द्र मिश्रा, निरंजन यादव, नवनीत मिश्रा, श्रीराम ज्योति, प्रकाश चन्द्र मिश्र, लक्ष्मण मिश्रा,सोनू यादव, अम्बुज कुमार पांडेय, आदर्श सैनी, निकेत नंदन पांडेय, मुकुल किशोर, डॉक्टर शरतचन्द्र पाठक,मोती मेहता एवं भारी संख्या में बच्चे एवं अन्य लोग उपस्थित थे। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्ज्वलन कर एवं राष्ट्र गान के साथ हुई। कार्यक्रम में शामिल लोगों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अनुज कुमार पांडेय ने कहा कि आज पूरा भारतवर्ष सत्य और प्रकाश के पर्व दीपावली को अपने-अपने परिवारों के साथ हर्ष और उल्लास के साथ आनन्दपूर्वक मना रहा है ऐसे अवसर पर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी आहुति देनेवाले अमर बलिदानियों, भारत के विकास में अपना सर्वस्व न्योक्षावर कर देने वाले महान कर्मयोगियों, देश के वाह्य एवं आंतरिक मोर्चे पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों, आज के दिन भी सीमाओं पर प्रसन्नतापूर्वक भारत की रक्षा में डटे सैनिकों एवं उन सभी के परिवारों को नमन करने का समय है। क्योंकि इनके त्याग और बलिदान के कारण ही भारत पूरे विश्व में अपनी ध्वजपताका को लहरा रहा है। यदी हम इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करते रहे तो यह देश की सेना का हौसला बढ़ाने का पुनित कार्य होगा । आज यह संकल्प लेने का भी समय है कि हम अपने देश से किसी भी प्रकार के अंधकार को भगा कर रहेंगे, हम स्वच्छता के दूत बनेंगे, अशिक्षा को मिटा कर शिक्षा का दीप जलाएंगे, अपने परिश्रम से भारतवर्ष की गरीबी को मिटायेंगे, समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेद-भाव तथा छुवा-छूत को मिटाने के साथ सभी प्रकार की कुरूतियों को खत्म करेंगे, देश प्रथम के नारों पर चलेंगे एवं देश के विकास में अपना योगदान देंगे तभी हमारा देश शहीद सैनिकों के सपने का देश बनेगा ।श्री पांडेय ने इस कार्यक्रम में आये हुए सभी लोगों को नमन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से शामिल लोगों का हृदय से आभार प्रकट किया। सम्बोधन के बाद श्री पांडेय के नेतृत्व में देश के जवान अमर रहें,महान क्रांतिकारी अमर रहें,भारत के वीर सपूत अमर रहें, भारत माता की जय, वन्दे मातरम, एक दीया शहीदों के नाम, स्वतन्त्रता आंदोलन के सभी आंदोलनकारियों के नाम के साथ अमर रहे का जयघोष के नारे गूंजते रहे। नारों की आवाज सुनकर लोग अपने घर से बाहर निकल आये और नारे लगाने लगे। लगभग 20 मिनट तक आस-पास का वातावरण नारों की आवाज से गूंजता रहा।