दाउदनगर की गीत लोगों को ख़ूब भा रही है”मेरी भी एक पहचान है”

“मेरी भी एक पहचान है” के तर्ज़ पर बनाई गई दाउदनगर गीत लोगों को ख़ूब भा रही है। 7 अक्टूबर को इस गीत को दाउदनगर उत्सव के मंच से रिलीज़ किया गया था। उस समय से लेकर अभी तक हज़ारों की तादाद में लोगों ने इस गीत को सुना। सोशल मीडिया ख़ासकर व्हाटसऐप के ज़रिए जमकर गीत को शेयर किया जा रहा है। गीत इस हद तक लोकप्रिय हुआ है कि बच्चे भी गली गली में गुनगुनाते फिर रहे हैं “मेरी भी एक पहचान है”। बच्चों के साथ साथ यह गीत बड़े लोगों द्वारा भी पसंद किया जा रहा है।दाउदनगर उत्सव में सहयोग प्रदान करने के लिए कलाकार संदीप सिंह एवं सुशील कुमार को शनिवार की रात वेब पोर्टल दाउदनगर डॉट इन कार्यालय में सम्मानित किया गया।पोर्टल के सह संस्थापक ईरशाद अहमद एवं नीरज कुमार गुप्ता ने समाजसेवी ओ पी गुप्ता एवं ओम प्रकाश कुमार के साथ दोनों कलाकारों को सम्मानित किया।संदीप सिंह ने दाउदनगर गीत में अपनी आवाज भी दी है।इस गीत के गीतकार इरशाद अहमद के अनुसार गीत की रचना के समय इस बात का ख़याल रखा गया है कि गीत में इस्तेमाल होने वाले शब्द बिलकुल सहज हों जिससे श्रोता गण सुनकर गीत के भाव को आसानी से समझ जाएँ। गीत में दाउदनगर के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है। गायक संदीप सिंह ने बेहद ख़ूबसूरती से इसे गाया है ,जिसकी लोग जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। औरंगाबाद के संजय संगम द्वारा इसकी धुन तैयार की गई है। कुल मिलाकर यह दाउदनगर गीत
क्षेत्रीय कलाकारों का संगम है ।

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