महासंघ गोप गुट के संयुक्त सचिव सत्येंद्र कुमार ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि छात्रवृति घोटाले के नाम पर निर्दोष शिक्षकों को गलत ढंग से फँसाये जाने के खिलाफ सभी शिक्षक संघ एक मंच पर आयें। महासंघ (गोप गुट) हर क़दम पर निर्दोष शिक्षकों को मदद के लिए तैयार हैं। शिक्षक संघों को चाहिए कि वे आंदोलनात्मक कार्यकर्मों की शीघ्र घोषणा करें। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) निर्दोष शिक्षकों को गलत ढंग से फँसाये जाने के खिलाफ संघर्ष के लिए जिला के सभी शिक्षक संघों को एक मंच पर आने का आह्वान करता है। अगर शिक्षक संघ इस मामले में महासंघ से मदद माँगेगे तो महासंघ उन्हे हर क़दम पर मदद करने को तैयार है।
यह ज्ञातव्य हो कि इस जिला में छात्रवृति घोटाला के नाम पर सैकड़ों शिक्षकों को फंसाया गया है तथा अन्य कई शिक्षकों को इस प्रक्रिया में रखा गया है। खबरों के मुताबिक जिन शिक्षकों से इस मामले में कार्रवाई के लिए स्पष्टीकरण माँगी गई हैं उनमें से कई ऐसे शिक्षक भी हैं जिनके खाते में वर्ष 2015-16 के लिए द्वितीय किश्त में राशि ही नहीं आई थी। इनमें कई शिक्षक ऐसे भी हैं जिन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों की लिखित अनुमति से सुपात्र छात्रों के बीच उक्त राशि का नकद भुगतान किया था। कुछ शिक्षकों ने विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा प्रस्ताव पारित करने एवं उसकी लिखित अनुमति से उक्त राशि का भुगतान किया था। अन्य कई शिक्षकों ने स्थानीय पदाधिकारियों के मौखिक निर्देश के आलोक में भी स्थानीय नागरिकों या अभिभावकों के दबाव में उक्त राशि को नकद बाँट दिया था। खबरों के मुताबिक एस०आई०टी० ने विद्यालयों पर जाकर स्थल निरीक्षण किये बिना ही मुख्यालय में बैठे-बैठे यह तय कर लिया कि जिन शिक्षकों ने उक्त राशि का नकद भुगतान किया है वे सभी लोग घोटालेबाज हैं। यह निश्चित रुप से शिक्षक समाज के लिए अपमानजनक है। अत: इस जिले के सभी शिक्षकों एवं शिक्षक संगठनों का हम आह्वान करते हैं कि वे उक्त अन्यायपूर्ण कार्रवाइयों के खिलाफ एक मंच पर आएँ तथा संघर्ष के लिए कमर कस कर तैयार हो जायेंं।