
संतोष अमन की रिपोर्ट:
दाउदनगर थाना अन्तर्गत संसा गांव से पूरब हसपुरा के समीप गत बुधवार को सुबह एक विवाहिता की लाश मिली थी। इस मामले को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। घटना की छानबीन करने पहुँचे दाउदनगर पुलिस ने शुक्रवार की रात मृतका के बहनोई बुलाकी बिगहा निवासी बालेश्वर यादव को उनके ससुराल खुदवां थाना के लहसा गांव से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया, तत्पश्चात पुछताछ की गई। पुछताछ के क्रम में अहम बातें सामने आई है, जिससे घटना का पर्दाफाश होता दिखाई दिया है।
हत्या के संबंध में जानकारी प्राप्त करने पर मालूम हुआ कि हत्यारा कोई और नहीं बल्कि वो है जिनपर मृतिका अत्यंत भरोसा करती थी। यकीन को तोड़ते हुए सगा बहनोई बालकेश्वर यादव ने आशा की हत्या को थाना के समक्ष कबुल किया है। घटना स्थल पर इस्तेमाल की गई धारदार उपकरण को ऩिशान के आधार पर शिनाख्त की गई है, जिसे समीप के एक खेत से बरामद किया गया है।
एसडीपीओ संजय कुमार ने दाउदनगर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में आशा हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मृतिका खुदवां थाना के लहसा गांव निवासी रामाधार सिंह की छोटी पुत्री है, जिसकी उम्र 30 वर्ष थी। इस हत्या करने की मंशा ससुराल की संपति में हिस्सेदारी को समाप्त करने तथा मृतिका के ससुराल वालों को फँसाने के उद्देश्य से एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है।
थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने इस हत्याकांड का उदभेदन कर लिया है। उदभेदन टीम में पुलिस इंस्पेक्टर रवींद्र प्रसाद, सब इंस्पेक्टर शेखर सौरभ, शौकत खां, आशीष कुमार शाह एवं अरविंद कुमार शामिल हैं। एसडीपीओ ने बताया कि थानाध्यक्ष जब ओबरा पहुंचे तो वहां और दाउदनगर में मृतका और उसके बहनोई बालेश्वर यादव के एक साथ देखे जाने की जानकारी मिली। आशा शनिवार को अपना इलाज कराने ओबरा पहुंची थी, जहां मंगलवार को पुनः बुलाया गया था। उसी दौरान बालेश्वर ने उससे मिलकर मंगलवार को दाउदनगर बुलाया था। मंगलवार को अपनी मां को गाड़ी पर बैठाकर वहीं रुक गयी और बालेश्वर उसे वहां से दाउदनगर ले आया और हसपुरा बाजार ले गया। हसपुरा से घटनास्थल पर लाकर उसकी हत्या कर दी गई।
लहसा निवासी रामाधार सिंह की सिर्फ दो पुत्रियां हैं, कोई पुत्र नहीं है। इनकी साढ़े सात बिगहा जमीन में से चार बिगहा बालेश्वर अपने नाम पर लिखवा चुका है। शेष साढ़े तीन बिगहा जमीन विवादित है, जिस पर मृतका के पिता के भाई का कब्जा है। बालेश्वर ने आशा की शादी अपने रिश्तेदार दाउदनगर थाना क्षेत्र के हिच्छन बिगहा निवासी अभय सिंह से वर्ष 2011 में करवायी थी। एसडीपीओ ने बताया कि बड़े दामाद द्वारा जमीन लिखवा लेने के बाद आशा के ससुरालवालों ने प्रताड़ित करना शुरु कर दिया, जिसके संबंध में दाउदनगर थाना में केस नंबर 180/17 दर्ज है। इसी बीच दोनों साढ़ू के परिवार के बीच कुछ नोंक-झोंक हुई थी, जिसके बाद इसी ने आशा से पति के खिलाफ एसडीओ कोर्ट में सनहा दिलवाया था। इसके बाद बालेश्वर ने ऐसा षड्यंत्र रचा कि जमीन की हिस्सेदारी में दावेदारी भी समाप्त हो जाए और मृतका के ससुरालवाले भी फंस जाए। दूध का कारोबार करनेवाले बालेश्वर लालच में पड़कर अपनी साली का हत्यारा बन गया।