दाउदनगर,18 सितंबर
तेज बुखार से पीड़ित रोगी को कभी भी नजर अंदाज नहीं करें । उसे अतिशीध्र निकटतम सरकारी अस्पताल भेजें ,उसे कभी भी झोला छाप डाँक्टर, ओझा,बाबा या मौलवी पास नहीं भेंजे वरना रोगी की जान जा सकती है ।
उपरोक्त बातों की जानकारी देते हुये पाथ के प्रखंड मोनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने स्थानीय अफीम गली स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र संख्या 81 पर आयोजित सामुदायिक बैठक में महिलाओं को मच्छर से होने वाली बीमारी से जागरुक करते हुये बताया कि तेज बुखार से पीड़ित रोगी मच्छरजनित ए.इ.एस. बीमारी मलेरिया,डेंगु,चिकनगुनिया,मस्तिष्क ज्वर,जीका वायरस,रोटा वायरस एवं एच.एस.वी से प्रभावित रोगी हो सकता है ,क्योंकि ये सभी बीमारी बहुत हीं खतरनाक है ।ये सभी बिमारियाँ मादा मच्छर के काटने से होती है परन्तु उपरोक्त बिमारियों में से सबसे ज्यादा लाइलाज व जानलेवा बीमारी मस्तिष्क ज्वर (दिमागी बुखार ) है जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है ।
बैठक में श्रीसिन्हा ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर में तेज बुखार के रोगी को तेज बुखार के साथ,उल्टी,कँपकँपी,सिरदर्द,बेहोशी,नींद में बड़बड़ाना,मुँह से झाग आना,चमकी आना,कमजोरी व सुस्ती के लक्षण दिखाई देते हैं ऐसी स्थिति में रोगी को प्राथमिक उपचार के तौर पर ताजे पानी की पट्टी देना चाहिए ।
मच्छरजनित बीमारी से बचने के लिए लोगों को खुले में शौच नहीं करना चाहिए ।जहाँ-तहाँ गंदगी नहीं करना चाहिए । अपने- अपने धरों व उसके आसपास सहित नली- नालों की साफ सफाई करनी चाहिए । रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए ।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी सेविका निर्मला देवी एवं सहायिका रीता कुमारी सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थीं ।
