जिउतिया पर्व के अवसर दाउदनगर में एक से बढ़कर एक पारंपरिक व साहसिक नकलों के साथ-साथ सामयिकी विषयों पर प्रस्तुति की जा रही है। सभी कलाकारों को पुरस्कृत करने के लिये कई जगह नकल अभिनय प्रतियोगिता कराई जा रही है। जिसमें ज्ञान दिप समिति पुराना शहर चौक भी लगातार पांचवा वर्ष प्रतियोगिता करा रही है। आपको बता दूँ के ये वही मंच है जहां पिछले वर्ष धर्मवीर भारती द्वारा निर्देशिक जिउतिया पर्व पर बनी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म रिलीज़ किया गया था और वर्ष 2015 में उपेन्द्र कश्यप द्वारा लिखित श्रवण संस्कृति का वाहक पुस्तक का विमोचन भी इसी मंच से हुआ था। पुराना शहर में प्रतियोगिता होने से यहां के लोग एवं खासकर क्षेत्रीय महिलाएं ज्यादा खुश हैं क्योंकि उन्हें सभी प्रस्तुति यहीं देखने को मिल रही है और कहीं जाना भी नहीं पड़ रहा है।
समिति के अध्यक्ष रामजी सोनी एवं सचिव चिंटू मिश्रा ने बताया की विद्यार्थी क्लब, भारती क्लब,जनता क्लब, इंडीयन इंटरटेन्मेंट, न्यू युवक संघ, ओबरा टीकान बाबू, दम-मदाड़ आदि क्लबो का प्रस्तुति देखकर यहाँ के लोग तारीफ करते थक नहीं रहे हैं।
मंच के संचालन कर रहे लोक कलाकार संतोष अमन ने बताया कि जब विद्यार्थी क्लब ने बेटी है तो कल है की प्रस्तुति दी तो उपस्थित महिलाएं भावुक हो गईं। सभी के आँखें आंसुओं से भर आई थी। उपस्थित लोगों ने कहा कि बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं करना चाहिए।
उपाध्यक्ष बिन्नू एवं मन्नू ने बताया कि 15 सितम्बर को पुरुस्कार वितरण रंगारंग कार्यक्रम के बीच होगा। इस समिति के सभी सदस्य इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हुये हैं। बुधवार को विद्यार्थी क्लब का महाकाली अंत ही आरम्भ है, भारती क्लब का राजा जीतवाहन, न्यू जूनियर इन्टर्टेरमेंट का वृतासुर का अंत, बाल भारती क्लब का ताड़कासुर वध, जनता क्लब का बेटी, प्रदीप अकेला, बाबू लाल पिंटू, डोमा चौधरी का दम मदाड़, उदय एवं संतोष गुप्ता का ओबरा टिकान बाबू, अजय न्यू क्लब का कसम तिरंगे की, जनता क्लब का बेटी इस तरह के बहुत सारा प्रस्तुति शानदार रहा एवं लोगों की खूब तालियां बटोरीं। ज्ञान दीप समिति को संचालन कर रहे लोक कलाकार संतोष अमन बीच-बीच में अपनी गुदगुदाती चुटकुले, शेरो-शायरी एवं नामी अभिनेताओं के आवाज़ में मिमिक्री कर लोगों को खूब हंसाया।


