नियमों  का पालन नही करने पर ब्याज के अलावा देना पड सकता है दण्ड शुल्क भी 

राहुल कुमार की रिपोर्ट:-

         आयकर अधिकारी टीडीएस वार्ड गया प्रमोद कुमार एवं दाउदनगर के उपकोषागार पदाधिकारी रविशचंद्र प्रसाद नेतृत्व में विवेकानंद स्कूल, वत्स बिहार बाजार समिति दाऊदनगर में विभिन्न कार्यालयों के आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों(डीडीओ) के साथ एक संगोष्ठी आयोजित की गयी। इस संगोष्ठी को आयकर अधिकारी टीडीएस वार्ड गया प्रमोद कुमार ,आयकर निरीक्षक बैद्यनाथ प्रसाद  एवं कर सहायक मोहित कुमार ने संबोधित किया एवं स्रोत पर कर की कटौती विषय में आयकर अधिनियम 1961 में वर्णित विभिन्न  प्रावधानों की विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। यह भी जानकारी दी गई कि स्रोत पर कर की कटौती कब तथा कैसे करना है। कैसे आयकर की राशि को सरकारी खाते में जमा करना है ।त्रैमासिक विव्रणी 24क्यू/26क्यू कब दाखिल करना है तथा उसमें हुई अशुद्धियों  को कैसे सुधार किया जाना है। उन्हें यह भी जानकारी दी गई कि आयकर अधिनियम 1961 में वर्णित स्रोत पर कर की कटौती के नियमों  का पालन नही करने पर ब्याज के अलावे दण्ड शुल्क भी देना पड सकता है,साथ ही साथ अभियोजन भी चलाया जा सकता है।सभी उपस्थित आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों(डीडीओ) को इस संगोष्ठी के माध्यम से जानकारी दी गई त्रैमासिक विवरणी 24क्यू/26 क्यू देय तिथि के बाद दाखिल करने पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 234 इ के तहत प्रति दिन 200 रूपया के दर से विलम्ब शुल्क देना होगा और उसे किसी भी परिस्थिति में माफ करने का प्रावधान नही है, किसी भी परिस्थिति में में त्रैमासिक विवरणी  24क्यू/26क्यू को समय पर दाखिल करने की सलाह दी गयी।साथ ही साथ कोषागार पदाधिकारी को निर्धारित समय 24जी दाखिल कर आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों को BIN उपलब्ध कराने की सलाह दी गयी।

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