
पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों से लगातार महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। चोटी कटने का भय जगह-जगह महिलाओं में दिखाई दे रहा है। लोग भयभीत हो रहे हैं। कुछ लोग इसे तंत्र का खेल समझ रहे है तो कुछ लोग इसे भूत, प्रेत, डायन या चुड़ैल का कारण मान रहे हैं। अंधविश्वास में फसे लोग अपनी चोटी को बचाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। कुछ लोग अपने घरो के गेट पर नीम की पत्तियाँ, हल्दी की छाप आदि लगाकर घर की महिलाओं की चोटियाँ बचाने का प्रयास कर रहे हैं। । फिलहाल लोगों में चोटी कटने का भय बना हुआ हैं।
लेकिन ये एक मेंकी नाम के कीड़ा है जो बाल खाता है।
ये अब दाउदनगर में भी पावँ पसार रहा है
वार्ड न0 20 स्थित कुम्हार टोली में
बिती रात्रि कथित रूप से एक युवती रिंकी कुमारी (12 वर्ष) के बाल के कुछ हिस्से कटने के साथ ही दाउदनगर में भी चोटी कटवा का आतंक ब्याप्त हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार छठे वर्ग की यह छात्रा गुरूवार की रात्री अकेले ही अपने रुम में सोई हुई थी।सुबह उठी तो उसके बाल के कुछ हिस्से गायब थे।यह खबर शुक्रवार को जैसे ही फैली कि उक्त युवती को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।हालांकि युवती के परिजनों ने किसी को भी घर के अंदर जाने नहीं दिया।परंतु तुरंत ही चर्चाओं का बाजार गरम हो गया।आतंक का आलम यह रहा कि उस मोहल्ले के लोगों ने आनन् फानन में अपने अपने घरों के मुख्य दरवाजे पर नीम के पत्ते लगा दिए।पूछे जाने पर रिंकी के पिता बैजनाथ प्रजापति ने बताया कि बच्ची रोज दिन के तरह रात में खाना खाने के बाद अकेले ही अपने रुम में सोने चली गई।सुबह उठी तो उसके बाल के कुछ हिस्से गायब थे।वहीँ बच्ची ने बताया कि उसके बाल कब कट गए उसे मालूम नहीं।।हालांकि
लड़की स्वस्थ थी पर उसके चहरे पर खौप का मंजर भी स्पष्ट दिख रहा था।
सिर्फ महिलाये का ही बाल खाता है यह कीड़ा