कानून के राज का दावा करनेवाली एनडीए सरकार में स्थिति बद से बदतर है।बिहार में कानून नाम की चीज नहीं रह गयी है।अपराधी बेखौफ होकर हत्या,चोरी व डकैती की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं,उक्त बातें ओबरा के राजद विधायक वीरेंद्र कुमार सिंहा ने कही है।विधायक ने कहा कि लखीसराय में निर्दोष लोंगो की हत्या,दानापुर में राजद नेता वार्ड पार्षद केदार राय की हत्या जैसी घटनाएं कानून व्यवस्था के दावे को खोखला साबित करती हैं।राजनीतिक साजिश के तहत केदार राय की हत्या की गई है।सरकार का विकास का दावा बिल्कुल निराधार है।शराबबंदी एक ढकोसला साबित हो रहा है।अब खेत और खलिहान में के साथ साथ शराब का होम डिलीवरी भी हो रहा है।सारी योजनाएं विफल हो गयी हैं।सामाजिक सुरक्षा पेंशन,कन्या विवाह योजना,कबीर अंत्येष्टी योजना की हालत देखी जा सकती है।प्रतिदिन लाचार व गरीब लोग ब्लॉक व बैंक का चक्कर काटते दीखते हैं।स्वास्थ्य विभाग में आवश्यक दवाओं का घोर अभाव है।विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद और कुर्सी के चक्कर में बिहार का विकास नहीं विनाश कर डाला है।75 प्रतिशत दागी मंत्रीयों के साथ सरकार चलाने वाले द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस वाली बात कहना बेमानी है।नीतीश कुमार के प्रवक्ता उलूल जलुल बयानबाजी कर मीडीया में बने रहना चाहते हैं।उन्होंने अपने बारे में कहा कि मैं हमेशा सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखता हूं।क्षेत्र का विकास व शांति मेरी पहली प्राथमिकता है।