
22 जुलाई को सुबह तक़रीबन 10 बजे से लापता बालक दाऊदनगर में कई लोगों की नीन्द उड़ा रखा था। 11 वर्षीय बालक प्रिंस कुमार दाऊदनगर स्थित नवज्योति शिक्षा निकेतन का के छठी कक्षा का छात्र है। विद्यालय में परीक्षा चल रही थी और प्रिंस परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था। इस कारण ओ सहम कर विद्यालय से निकलकर घर ना जाकर कहीं और का रूख कर लिया। समय पर घर ना लौटने के कारण उसके परिजन के साथ साथ विद्यालय परिवार की भी नीन्द उड़ गई थी।
तीन दिन तक कहीं से कोई ख़बर नहीं मिला परन्तु लगातार खोज जारी रहा। दाऊदनगर थाना में भी खोने की रिपोर्ट लिखवाई गई थी फिर भी कोई सुराग़ नहीं मिल पा रहा था। इस बीच अफ़वाहों का दौर भी जमकर चला।
कुछ लोगों द्वारा विद्यालय परिवार पर ज़बर्दस्त आरोप लगाए गए बावजूद इसके विद्यालय परिवार बालक के परिजन के साथ साथ क़दम से क़दम मिलाकर बालक को ढूँढती रही।
तीन दिनों के बाद आख़िर 25 जुलाई शाम 7 बजे उसकी ख़बर मिली कि वह अपने नानी घर रेनूकोट जा पहुँचा। विद्यालय के निदेशक नीरज गुप्ता बालक के परिजन के साथ रेनूकोट गए और बालक को अपने साथ दाऊदनगर आज वापस लाए। बालक से नीरज गुप्ता की बातचीत में यह पता चला कि ग़लती से ओ पूर्व दिशा का ट्रेन पकड़ लिया था जिसके कारण ओ हज़ारीबाग़ पहुँच गया था। उसी रात वह वापस ट्रेन पकड़ कर डेहरी ऑन सोन स्टेशन पहुँच कर रात भर वहीं रहा। डेहरी से पलामु एक्सप्रेस पकड़कर वह अपने नानी घर रेनूकोट पहुँचा।