शिमला के सरज़मीन पर धर्मवीर भारती हुए सम्मानित- शहर के लिए गौरवपूर्ण पल

अपने शहर के लिए एक ख़ुशख़बरी है कि युवा रंगकर्मी सह धर्मवीर फ़िल्म एंड टीवी के डायरेक्टर धर्मवीर भारती को 'नाट्याचार्य' सम्मान 2016-17 से सम्मानित किया गया। यह गौरान्वित करने वाला पल शिमला के कालीबाड़ी ऑडिटोरियम में प्राप्त हुआ। यूनिवर्सल सांस्कृतिक शोध नाट्य अकादमी द्वारा तीसरे सांस्कृतिक महोत्सव, "धरोहर- 2017" में श्री भारती को सम्मानित किया गया।

अकादमी के सचिव नाट्यभूषण डॉ अनुज राजपूत ने बताया कि अकादमी प्रत्येक वर्ष नाटक, नृत्य, गायन और वादन जैसे सांस्कृतिक क्षेत्र एवं राष्ट्र में की गई उत्कृष्ट सेवाओं के लिये व उनके द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों के लिए नाट्याचार्य, नृत्याचार्य, संगीताचार्य, कलाप्रभा और कलाकुंज की उपाधी दी जाती है।

डॉ राजपूत ने बताया कि बिहार के युवा रंगकर्मी धर्मवीर भारती विगत कई वर्षों से नाटक क्षेत्र में लेखन, निर्देशन और मंचन में अपना अमूल्य योगदान देते आ रहे है और भारती द्वारा लिखित नाटक 'अर्थी सजा लो' और 'अंज़ाम-ए-गुलिस्ताँ क्या होगा ?' राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चित रहे हैं। अकादमी के अध्यक्ष व हिमांचल हिंदी विद्यापीठ की अध्यक्ष डॉ राखी ने बताया कि अकेडमी नाट्याचार्य सम्मान 2016-17 के लिए ओडिशा के वरिष्ठ रंगकर्मी माधव चंद्र परिधा और बिहार के युवा रंगकर्मी सह फ़िल्म डायरेक्टर धर्मवीर भारती का चयन किया था।

मुख्य अतिथि टीवी सीरियल डायरेक्टर शीशपाल जसरोटिया औए नाट्यभूषण डॉ अनुज राजपूत ने प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर धर्मवीर भारती को नाट्याचार्य से सम्मानित किया।

ज्ञात हो कि धर्मवीर भारती को कालीबाड़ी ऑडीटोरियम शिमला में आयोजित कला संस्कृति को समर्पित राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम धरोहर-2017 में नाटक विधा की प्रतियोगिता में अकेडमी ने निर्णायक की भूमिका निभाने के लिए भी आमंत्रण दिया था। निर्णायक की सराहनीय भूमिका के लिए भी श्री भारती को अकेडमी ने प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया।

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