विगत कुछ महीनों से बिजली विभाग दाऊदनगर इकाई के बारे में कई शिकायतें सोशल मीडिया, अख़बार तथा फ़ोन के माध्यम से प्रकाश में आया है। कहीं बिल में गड़बड़ी, कहीं वोल्टेज तो कहीं तार तट कर गिरने की शिकायतें चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनहित के मुद्दे को उठाते हुए दाऊदनगर.इन पोर्टल की तरफ़ से एक सर्वे कराया गया जिसमें 100 से भी ज़्यादा लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं। इस 100 में ज़्यादातर ओ बुद्धिजीवि वर्ग शामिल हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सैंकड़ों लोगों की बातों को लोगों के समक्ष रखते हैं। अतः यह सर्वे बिजली विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण सारांश है जिसपर तत्काल संज्ञान लेना अतिआवश्यक है।
सर्वे में तक़रीबन दस सवाल पुछे गए थे जिसमें से ज़्यादातर लोगों का यह मानना है कि:
– बिजली का तार जर्जर है जिसे बदलना अतिआवश्यक है
– कम वोल्टेज़ मिलना सबकी परेशानी का सबब बन गया है
– कस्टमर सर्विस बेहद ख़राब होने की शिकायतें आयीं हैं
– ट्रान्सफरमर की कमी भी अधिकतर लोगों ने मानी है
– कुछ लोगों ने बिल में गड़बड़ी को भी मुद्दा बनाया है
बहुत ही कम लोगों ने यह माना की बिजली विभाग में सुधार हो रहा है।
सर्वे में दिए गए प्रश्नों में से सबसे ज़्यादा प्रतिक्रियाएँ जिस पर मिली उन बिंदुओं को उजागर किया गया। हालाँकि कुछ लोगों ने यह भी माना है कि बिजली विभाग की ग़लती के साथ साथ आम जनता की भी कूच ग़लतियाँ रहती हैं:
– समय पर बिल जमा ना करना
– फ़ेज़ टू फ़ेज़ कर बिजली का उपयोग करना
– बिना कनेक्शन लिये हुकिंग कर बिजली का उपयोग करना
– सारे उपभोगता जागरूक नहीं हैं और ज़रूरत पड़ने पर गिने चुने लोग ही बिजली विभाग के लोगों से बात कर समस्यायों के बारे में अवगत कराते हैं
एक सप्ताह के अंदर ही बिजली के जर्जर तार से दो बड़ी दुर्घटनाएँ सामने आयीं हैं जिसमें से एक की मौत हो गई और दूसरा व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल है। लोगों में बिजली विभाग के प्रति बेहद नाराज़गी है और अगर बिजली में सुधार नहीं किया गया तो ओ दिन दूर नहीं जब बिजली विभाग के ख़िलाफ़ लोग आंदोलन पर उतर आएँगे। समय रहते बिजली विभाग को उपभोगताओं की उपयुक्त परेशानियों पर संज्ञान लेकर सुधार करने का काम शुरू कर देना चाहिए।