पढ़ेगा इंडिया तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया। यह बात सच है कि जब तक शिक्षा नहीं मिलेगी तब तक शिक्षित समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन जरा सोचिए जब एक ही कमरे में कार्यालय भी चलाना हो और आठ कक्षाओं को भी पढ़ाना हो तो ऐसे में कैसे पढ़ेगा इंडिया और कैसे आगे बढ़ेगा इंडिया।हम बात कर रहें हैं ओबरा प्रखंड के तहत आने वाले खरांटी गांव का मध्य स्कूल की कर रहे हैं। जहां शिक्षा का स्तर ऊपर जाने के बजाए नीचे जाता हुआ नजर आ रहा है।
बिहार मे शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गयी है।इसका जीता जागता उदहारण ओबरा प्रखंड से खरांटी गाँव का मध्य स्कूल है आज अभावीप ओबरा कि टीम जब वहाँ पहुँची तो वहाँ का नजारा देखकर दंग रह गयी !केवल छोटे छोटे 2 कमरे हैं वहाँ और बच्चो कि संस्या 1000 है। उसी में ऑफिस भी है यहाँ एक से लेकर आठवीं तक से बच्चे आतें हैं।तो आप समझ सकते हैं।कि बच्चे किस तरह पढ़ते हिगें।दो कमरे केे आलावा वहाँ और कोई संसाधन नही। कुछ बच्चे कॊ छोड़कर अधिकतर बच्चे बरामदे के ज़मीन पर पढ़ने को विवश है और जब वर्षा का मौसम आता है तो पढ़ाई बन्द क्योंकि बगल मे हि पुनपुन नदी बहती है जिसका पानी स्कूल मे आ जाता है जब अभावित की टीम ने बच्चों से बात कि तो उन्होंने बताया कि पूरे गाँव के बच्चों का नामांकन यहीं होता है पर वे यहाँ पढ़ नही पाते।जिसके चलते बच्चों का भविष्य आज अन्धकार मे डूब गया है।
