देश के विकास के लिए ज़रूरी है सिविक सेन्स का विकास


दाऊदनगर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर वीके प्रसाद के पुत्र डॉक्टर संजीव कुमार ने स्थानीय पत्रकारों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि हमारे देश भारत में नागरिक अपने कर्तव्य का निर्वाह ठीक से नहीं करते और देश से हर प्रकार के अधिकारों की अपेक्षा करते हैं। अगर अपने देश का विकास करना है तो हम भारतवासियों को अपनी मानसिकता बदलनी पड़ेगी। अमेरिका में लोग सवेक्षा से क़ानून का पालन करना पसंद करते हैं परंतु यहाँ के लोग क़ानून तोड़कर अपने शान और शक्तिमान होने का परिचय देते हैं।  डा.संजीव कुमार अमेरिका के साउथ कैरोलिना में कार्यरत हैं और ओ वहाँ पर एक निजी अस्पताल का संचालन करते हैं।

दो दिनों के लिए ओ दाऊदनगर आए और उन्होंने एक गेट टूगेदर किया जिसमें स्थानीय पत्रकारों को भी आमंत्रित कर अपने अनुभव को सबके साथ साझा किया। विभिन्न पहलुओं पर बातचीत करते हुए कहा कि हमारे देश में लोगों को ख़ुद पहल करनी चाहिय। उदाहरण स्वरूप अगर सरकार द्वारा डस्टबीन मुहैय्या नहीं काराई गई है तो इसका मतलब यह नहीं कि हम गंदगी फैलाते रहें बजापते इसके यह चाहिए कि मिलजुल कर निजी तौर पर डस्टबीन का इंतेज़ाम कर उसका प्रयोग करें।

भारत में सिविक सेंस का घोर अभाव बताते हुए उन्होंने कहा कि एक बार दो बजे रात्रि को वे डियूटी से घर जा रहे थे। ट्रैफिक पर लाल बत्ती जली तो वे ठहर गए। जा भी सकते थे क्योंकि कोई नहीं था। किंतु ऐसा नहीं किया। भारत में ऐसी उम्मीद किसी से क्या डॉक्टर से भी नहीं की जा सकती। वर्ष 2001 से ओ अमेरिका में रह रहे हैं और वहां पहली बार उन्होंने ही घर जाकर मरीज का इलाज करने की शुरुआत की।जब किसी रोगी को देखने उनके घर जाते हैं तो बहुत सम्मान मिलता है, उनके साथ एक जगह पर बैठते हैं, कोई भेद भाव नही होता है। समानता का भाव है। वहाँ सिर्फ कानून के अंदर रह कर जो सही तरीके से काम करता है वो देखा जाता है ।वहां किसी कंपनी के सीईओ जहाँ बैठ कर खाना खाते है उसी जगह वहां का एक चपरासी भी उसी टेबल पर बैठ कर खाना खाता है। डा.संजीव ने कहा कि अमेरिका से उन्होने बहुत कुछ सीखा है।

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