राजद आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बिहार प्रदेश वैश्य महासभा के प्रदेश महासचिव डा.प्रकाशचंद्रा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है।राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर सीबीआई और इ डी की छापेमारी केंद्र द्वारा सत्ता का दुरुपयोग है।यह सुनियोजित और दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई है। देश में चूँकि सिर्फ लालू प्रसाद ही अकेले ऐसे नेता हैं जो नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलते हैं इसलिए उन्हें बदनाम और परेशान करने की नीयत से छापेमारी जैसी कारर्वाई की गयी है।इन्होने कहा कि ऐसे प्रयासों से लालू यादव कमजोर नहीं होने वाले हैं। इससे उनके समर्थकों में और आक्रोश बढ़ रहा है| हम एकजुट होंगे और अपनी ताकत अगले 27 अगस्त को रैली में दिखायेंगे।उन्होंने कहा कि पूर्वाग्रह व दुर्भावनापूर्ण यह कारर्वाई गरीबो, पिछड़ों, दलितों व कमजोर वर्ग की आवाज को दबाने के लिए की गयी है। इससे हम टूटने वाले नहीं हैं।ऐसा कर लालू प्रसाद को कमजोर करने में नरेंद्र मोदी व भाजपा कभी सफल नहीं होगी।लालू प्रसाद यादव द्वारा अर्जित संपत्ति बीस साल पहले की है।यह गांव में बैठे लोंगो को भी पता है कि उस समय जमीन सस्ती हुआ करती थी।आज जहां की जमीन अगर दस लाख रुपये डीस्मील है तो उस समय 50 हजार रुपये कट्ठा भी खरीदनेवाले नहीं मिलते थे।पिछले एक दशक में अर्थव्यवस्था बदली और जमीन का मार्केट वेल्यू बढ़ता गया।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का न होना तानाशाही को जन्म देता है।आज देश की हालात इमरजेंसी के समय से भी अधिक खतरनाक है।विपक्ष का मुंह बंद करने की कोशीश की जा रही है।
