
देश व राज्य में राजनीतिक पार्टियों का ध्रुवीकरण का दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए का घटक तथा सोनियां गांधी के नेतृत्व में 17 पार्टियों के ध्रुवीकरण की शुरूआत हो चुकी है। किसी भी राजीनीतिक दल के पास बीच के रास्ता अपनाने की गुंजाईश नहीं है। उक्त बातें पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने दाउदनगर बाजार में अपने समर्थकों, शुभचिंतकों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि रालोसपा एनडीए की सहयोगी है इसे हम सभी मिलजुलकर मजबूत करने के लिये काम करेंगे। वे (श्री कुशवाहा) आगामी 5 जुलाई को पटना के रविंद्र भवन में अपने हजारो समर्थकों के साथ रालोसपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि रालोसपा कमजोर वर्गों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों को इकठ्ठा कर एनडीए का मजबूत घटक बनेगी। कितने को समाहित करेगा यह एनडीए पर निर्भर है। जाप से इस्तीफा दिया हूं और रालोसपा को चुना हूं। श्री कुशवाहा ने बिहार के संदर्भ में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से साढ़े दस करोड़ जनता उब चुकी है। परिवर्तन की छटपटाहट है। नीतीश कुमार का सात निश्चय से जनता में निराशा की भाव झलक रही है। लालू-नीतीश ने सिर्फ झांसा दिया है। सरकार सभी मोर्चे पर फेल है। शिक्षा जगत में भारी गिरावट है। केंद्र के पैसे का हो रही दुरूपयोग से जनता उब चुकी है। परिवर्तन करने की बड़ी ताकत एनडीए में है और इसका मजबूत घटक रालोसपा बने हम यही चाहते हैं। अलग-अलग रहने से आप कमजोर बनेंगे। उन्होंने सभी से 5 जुलाई को पटना चलने का आहवान किया। इस मौके पर रालोसपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ बबलू, प्रखंड रालोसपा संजीव कुमार, योगेन्द्र कुमार वर्मा, अजय कुमार, संजय कुमार, विकास कुमार, संतोष कुमार, शंभूशरण आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।