“दम मदार” या “दमदार मदार”- इसे क्या कहेंगे आप?

कल से सोशल मीडिया पर धूम मचाती ये तस्वीर जिसमे युवतियों ने अपना दम दिखाकर लोगों को अचंभित कर दिया। और इस दस वर्षीय बच्चे के बारे में सुन कर सोंच में पड़ जायेंगे आप। पहली बार ये नज़ारा देखने पे लगता है कि सपनो की दुनिया से लाई गई यह एक काल्पनिक तस्वीर है। परंतु हक़ीक़त से परिपूर्ण यह तस्वीर तमाम दाउदनगर वासियों को “बुलंद हौंसले और सच्ची लगन” की अभूतपूर्व मिश्रण से भरा यह पल युवाओं में सकारत्मक ऊर्जा भरने के लिए बेहद कारगर सिद्ध होगा।

कुछ वर्ष पहले तक जिव्तिया कुछ ख़ास समुदाय में सिमित थी परंतु हमारे समाज के बहुत सारे बुद्धिजीवियों की अथक प्रयास स्वरुप जिव्तिया पर्व को राष्ट्रीय स्तर पर चिन्हित करने में सफलता प्राप्त हुई है। इन सब से भी ऊपर उठ कर इन कलाकारों ने उम्र और लिंग की सीमा को भी ख़त्म कर दिया है।

संस्कार भारती औरंगाबाद से आयी प्रिंयका और प्रीतम ने उस्ताद प्रदीप अकेला जी  के नृतित्व में ऐसा करने वाली संयुक्त रूप से पहली महिला दम मदार कलाकार बन चुकी हैं। जहानाबाद की प्रियंका तथा औरंगाबाद की प्रीतम के साथ साथ उस्ताद प्रदीप ने अपने 10 वर्षीय पुत्र के बदन के कई हिस्सों में धारदार सिक डालकर एक नए और अनोखे परंपरा की शुरुवात की। 

इन युवतियों की तुलना लोगों ने कई प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व से की और इनके हौंसले को लोगों ने खूब सराहा। जानकारी के मुताबिक इन कलाकारों ने कई सारे प्रतियोगिताओं में भाग भी लिया। इस बार चयनकर्ताओं के लिए बेहद मुश्किल होगा कि बेहतरीन दम मदार के रूप में किसे चयन किया जाये। उम्म्मीद है कि अगली बार से आयोजक महिला श्रेणी के लिए अलग पुरास्कार रखेंगे।

www.daudnagar.in के चयनकर्ताओं ने इन्हें Emerging Artist of 2016 के लिए चुना है जिन्हें अगले सम्मान समारोह में सम्मानित किया जायेगा।

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