बिहार सरकार ने शिक्षक हितों का किया अनदेखी: गोपगुट

संतोष अमन की रिपोर्ट:

बिहार सरकार ने शिक्षक हितों की अनदेखी की है, साथ ही सातवें वेतन आयोग में भी इसे उपेक्षित रखा गया है। उक्त बातें बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोपगुट के राज्य उपाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने जारी प्रेस बयान में कही। उन्होंने कहा समान काम, समान वेतन, केंद्र की भांति वेतन उत्क्रमण प्रखंड, पंचायत, नगर शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा, प्रान न0 इत्यादि ज्वलंत सवालो पर आयोग मौन रह गया। शिक्षकों के वेतन विसंगतियों का हल भी आयोग अपने प्रतिवेदियों में नहीं हो सका। नीतीश सरकार ने सार्वजनिक मंच से 1 जनवरी 2017 से सातवें वेतन का वास्तविक लाभ देने की घोषणा हुई थी। इसके कारण बिहार के शिक्षकों में आक्रोश है। संघ सरकार के इस रवैये के खिलाफ क्रमबद्ध एवं धारदार आंदोलन चलाएगा। आंदोलन की घोषणा 19 मई 2017 को राज्य सचिव मंडल में की जाएगी। संघ हर हाल में सातवें वेतन का लाभ 1 जनवरी 2016 से लेने के लिये संकल्पित है। वहीं संघ के संयुक्त सचिव सत्येंद्र कुमार ने भी राज्य सरकार पर शिक्ष्कों, कर्मचारियों के हितों का अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने नियोजित शिक्षकों के लिये जो वेतन वृद्धि की है वह नाकाफी है। अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए तो नाम मात्र के लिये वृद्धि की गई है।

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