शिक्षकों को मूल मांग से दिग्भ्रमित करना चाह रही सरकार

संतोष अमन की रिपोर्ट:-

नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतनमान के लाभ को लेकर सरकार बार-बार ढिंढोरा पीट कर शिक्षकों को मूल मांग से दिग्भ्रमित करना चाह रही है । उक्त बाते परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला मीडिया प्रभारी सुनील कुमार बाॅबी ने कहा। श्री बाॅबी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे बार-बार बयान देकर नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन के मूल मांग से दिग्भ्रमित करने की साजिश रच रही है। लेकिन शिक्षक हाईकोर्ट के फैसला आने पर समान काम के लिए समान वेतन लेकर रहेगें। उसके लिए स्कूल से लेकर सड़क तक आन्दोलन होगा। फिलहाल कोर्ट के फैसला पर शिक्षकों को पूर्ण आस्था है। इन्होंने सातवें वेतनमान पर कहा कि सरकार पहले ही 2015 में  अपने संकल्प पत्र में स्पष्ट कर दिया है कि नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी की तरह हर सुविधा मिलेगा। दूसरी ओर राज्य सरकार के  शिक्षा सचिव राहुल कुमार के द्वारा पिछले माह सातवें वेतनमान का लाभ नियोजित शिक्षकों को नहीं दिये जाने को लेकर विभिन्न अखबारों में दिये गये बयान का खंडन बेगुसराय के एक सभा में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करते हुए घोषणा किया कि नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा। फिर इस तरह के बार बार बयान देने का आखिरकार क्या मकसद हो सकता है। फिलहाल प्रदेश के 3.5 लाख नियोजित शिक्षकों को यह तो तय है कि सातवें वेतन आयोग के सिफारिश का लाभ मिलेगा। जिसमें नियोजित प्रशिक्षित व अप्रशिक्षित, प्राथमिक, माध्यमिक,  उच्च माध्यमिक, पंचायत  एवं प्रखंड, जिला परिषद् शिक्षकों के साथ ही पुस्तकालयाध्यक्ष को भी लाभ मिलना तय है।

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