प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन

यज्ञमंडप की फेरी देते श्रद्धालु

संतोष अमन की रिपोर्ट:-

दाउदनगर प्रखंड के अंगराही गांव में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण सप्ताह महायज्ञ व भगवान शंकर की प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। काफी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु पहुंचकर पूजा अर्चना करते हुए यज्ञ मंडप की फेरी लगा रहे हैं। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापित की गई । शनिवार को प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया गया था। घर-घर जा कर वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को भगवान शंकर की प्रतिमा का दर्शन कराया गया था। ग्रामीण सह मुखिया पिंटु शर्मा, यज्ञ समिति के अध्यक्ष उमेश्वर शर्मा, सचिव रामनाथ सिंह, नंदकिशोर शर्मा, अजय कुमार शर्मा, धनंजय शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन रामलीला, प्रवचन एवं रात्री में रासलीला आयोजित हो रहा है। तीन मई को पूर्णाहूति होगी। प्रवचन करते हुए उषा रामायणी ने कहा कि तुलसीदास जी कहते हैं कि भक्ति और ईश्वर दोनों के बीच अन्योन्याश्रय का संबंध है। सूर्पनखा भगवान को प्राप्त करना चाहती है किन्तु भक्ति से विमुख हो कर, इसी का परिणाम हुआ कि उसे अपनी नाक  गंवानी पड़ी। इसी तरह रावण भी भगवान को तो प्राप्त करना चाहता है। उन्होंने कहा कि समाज को इससे पहली सीख मिलती है कि भक्त को भक्ति से ईश्वर को प्राप्त करना चाहिए। दूसरी शिक्षा मिलती है कि अपने संस्कार को सरल व सहज बनाएं रखें, मर्यादित रहें ताकि समाज में सुख और शान्ति बनी रहे। स्वामी पुरुषोत्तमाचार्यजी महाराज ने भगवान शिव के अवतार की चर्चा की। अवध में हिरण्य कश्यप के वध का प्रसंग कलाकारों ने दिखाया।

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