बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरुरी

संतोष अमन की रिपोर्ट:-

ये किशोरावस्था के स्कुली बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं इसलिए इन वच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बहुत ही जरुरी है क्योंकि ज्यादातर पन्द्रह साल से छोटे बच्चे को ही मच्छर व गंदगी से होनेवाली ए.इ.एस  बिमारियों जैसे मलेरिया, डेंगु, चिकनगुनिया व मस्तिष्क ज्वर जैसे घातक बीमारियों के चपेट में आ जाते हैं।

उपरोक्त बातें पाथ के प्रखंड मोनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने ओबरा के राजकीय मघ्य विघालय में आयोजित सामुदायिक बैठक में स्कुली बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए कही।

बैठक में श्रीसिन्हा ने बताया कि बच्चों को साफ सफाई के प्रति विशेष घ्यान देना चाहिए, जहाँ-तहाँ गंदगी नहीं फैलानी चाहिए।  खुले में शौच नहीं करना चाहिए। अपने हाथों को कम से कम छह बार जैसे-शौच से आने के बाद, किसो भी तरह की गंदगी साफ करने के बाद, खाना खाने के बाद, जबकि खाना बनाने के पहले, खाना परोसने के पहले एवं खाना खाने के पहले साबुन से अच्छी तरह घोना चाहिए।

श्रीसिन्हा  ने बताया कि मच्छरजनित बिमारियों मे मस्तिष्क ज्वर सबसे ज्यादा लाईँलाज व जानलेवा है जो क्युलेक्स नामक मच्छर के काटने से होता हैं।

इस बैठक में शिक्षक राजेन्द्र कुमार सिंह व शिक्षिका मीना कुमारी सहित दर्जनों स्कुली बच्चे मौजूद थे।

इसके पहले श्री सिन्हा द्वारा हसपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयोजित बैठक में  ए.एन.एम को ए.इ.एस व जे.ई. बीमारी के प्रति जागरुक किया गया। बैठक की अघ्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाघिकारी डा.मीना राय ने की।

 

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