ख़तरे का शबब बना बिजली के जर्जर खंभे

दाउदनगर के विद्युत उपभोक्ता पहले के अपेक्षा अब ज्यादा राहत महसुस करते हैं क्योंकि बिजली आपूर्ति में कमी न के बराबर रहता है या यूं कह लें कि चौबीस घंटे में बीस से बाईस घंटे तो बिजली रहते ही हैं। वहीँ अब से कुछ साल पहले लोग बिजली के अभाव से जूझते रहते थे।
बिजली की अभाव से निज़ात तो मिली लेकिन ख़तरों का सबब बना है ईलाके के जर्जर बिजली के खंभे। पुराने तार और सड़े-पुराने बिजली के खंभे से हर वक्त ख़तरा बना रहता है। कब कहाँ किसपर टूट कर गिर जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। बिजली विभाग को इस ओर शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है।
वार्ड सं० बारह के निवासी मोहम्मद असलम का कहना है के उनके वार्ड के बिजली के खंभे पूरी तरह से जर्जर है। किसी तरह के दुर्घटना न घट जाये इस बात का डर हमेशा बना रहता है।

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