तेज बुखार को नहीं करें नजर अंदाज

औरंगाबाद ,19 मार्च
    यदि आपके गाँव, समाज,घर व परिवार में किसी को तेज बुखार के साथ, उल्टी,कँपकँपी,बेहोशी,चमकी,गर्दन का लुढकना,मुँह से झाग आना,नींद में बड़बड़ाना,सिर में चक्कर आना,कमजोरी व सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दे तो उसे कभी नजर अंदाज नहीं करें, यह लाईलाज व जानलेवा बीमारी मस्तिष्क ज्वर ( दिमागी बुखार) हो सकता है । यह बीमारी क्यूलेक्स नामक मादा मच्छर के काटने से होता है ।

         उपरोक्त बातें अंतराष्टीय गैर सरकारी संगठन ” पाथ “के प्रखंड मोनिटर अरविन्द कुमार सिन्हा ने रफीगंज प्रखंड के अरथुया पंचायत के बुढ़ैला गाँव में आंगनवाड़ी केन्द्र संख्या 86 पर आयोजित सामुदायिक बैठक में कही ।

     बैठक में श्रीसिन्हा ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर एक से पन्द्रह वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों में होती है । यह बीमारी हमारे प्रदेश में साघारणतया अप्रैल से दिसम्बर माह के बीच होती है । इस बीमारी से हमारे प्रदेश में सैकड़ों बच्चे प्रभावित होते  हैं ,जिसमें दर्जनों बच्चे मरते हैं 

     श्रीसन्हा ने कहा कि मच्छरजनित इस बीमारी में रोगी को प्राथमिक उपचार के तौर पर ठंडे पानी की पट्टी देना चाहिए और उसे अतिशीध्र निकटतम सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए, वरना देरी करने पर रोगी की जान जा सकती है ।

       श्रीसिन्हा ने बताया कि मच्छरजनित इस बीमारी की रोकथाम के लिए घर व उसके आसपास के इलाके सहित नली नाले को साफ सुथरा रखना चाहिए । रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए । बैठक में सेविका सविता कुमारी  सहित दर्जनों महिलायें मौजूद थीं ।

        इस बैठक के पहले ढोलीखाप स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 91 पर आयोजित सामुदायिक बैठक में पाथ के जोनल कोडिनेटर अरविन्द कुमार सिंह ने उपस्थित महिलाओं को मच्छर से होनेवाली एक्यूट इंसेफलाईटिस सिंडरोम ( ए.ई.एस.)के बारे में विस्तार से बतलाया ।

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