मानव श्रृंखला को लेकर पदाधिकारियों में है भय का माहौल

संतोष अमन की रिपोर्ट:

जन अधिकार छात्र परिषद् औरंगाबाद के जिलाध्यक्ष विजेन्द्र कुमार यादव एवं जिला प्रभारी अनिल कुमार यादव ने प्रेस बयान जारी कर कहां कि मानव शृंखला को लेकर सभी पदाधिकारियों में भय का महौल बना हुआ है। नीतिश कुमार के तानाशाही फरमान के द्वारा मानव श्रृंखला में पूरी तन्मयता से कार्य करने को कहा गया है। इस बीच यदि कोई कर्मचारी या पदाधिकारी फरमान के अनुसार कार्य नहीं करता हैं तो उसे आंतरिक दंड देने की बात कही गई है। इस लिए छोटे कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी इस बेतुका फरमान को सफल बनाने के लिए पंचायत का चक्कर लगा रहे हैं। निश्चित तौर पर इसके माध्यम से आवाम, गरीबों एवं मजदूरों के मन और आत्मा का शोषण किया जा रहा है।

मानव श्रृंखला के अंतर्गत स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों को लाइन में खड़ा करने की तैयारी की जा रही हैं, जिससे भय का महौल बना हुआ है। सवाल करते हुए कहा कि यह कौन सी आंदोलन है, जिसके आड़ में शराब की बोतलों का होम डिलिवरी हो रही हैं? राज्य में 3 बियर फैक्ट्री एवं 12 विदेशी शराब फैक्ट्रियां चल रही है जो अधिकांशतः क्षेत्रों में शराब की बोतलें आए दिन पकड़े जा रहे हैं। एक नोटबंदी के नाम पर लोगों को लाइन में खड़ा करा दिया तो, दूसरा मानव श्रृंखला के नाम पर लोगों को लाइन में खड़े करने का तैयारी कर रहा है। विकास जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा हैं, लाखों युवा बेरोजगार हैं। इस दरम्यान छात्र प्रदेश महासचिव विजय कुमार उर्फ गोलू यादव, छात्र नगर अध्यक्ष भास्कर पाण्डेय सहित अन्य लोग उपस्थित थें।

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