शांति व सौहार्द के बीच ईद का पर्व बिल्कुल सादगी के साथ संपन्न हुआ। लॉक डाउन के वजह से मस्जिद में न जाकर मुस्लिम भाई घर पर ही नमाज अदा की। घर के लोग की बीच ही ईद मनाई गई।मस्जिद में सिर्फ इमाम ने कुछ लोगो के साथ नमाज पढ़ा।एक तरफ ईद की खुशी साफ नजर आ रही थी तो दूसरी ओर संक्रमण से खुद के साथ समाज को बचाने का उत्साह भी दिखा। सोमवार को ईद मुबारक की खुशियां अपनों के साथ मनाने और गले लगाने और हाथ मिलाने के परहेज करते मुस्लिम समाज दिखे। कोरोना संक्रमण से देश व समाज को बचाने के लिए पहला ऐसा मौका था जब ईद पर एक दूसरे को गले लगाने के बजाय दूर से या मोबाइल फोन से मुबारकबाद दे रहे थे।ऐसा पहली बार था कि ईद की नमाज मस्जिद में पढ़ने के बजाय घर मे पढ़ा गया। गुलाम रहबर, शाहिद क्युम,मंसूर आलम,शाह फेसल आदि ने कहा कि ईद पर घरों में नमाज पढ़ने के साथ ही अल्लाह से समाज को कोरोना से महफूज करने की दुआ मांगी गई।
