
दाउदनगर थाना में पदस्थापित एएसआई अरुण कुमार की आत्म हत्या की खबर से पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। गुरुवार की रात एएसआई ने थाना परिसर में ही स्थित अपने आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही एसपी दीपक वर्णवाल एवं दाउदनगर एसडीपीओ राजकुमार तिवारी ने पहुंचकर तहकीकात किया। देर रात तक छानबीन चलता रहा। गुरुवार को उन्होंने ड्यूटी की और दोपहर बाद अपने कमरे में चले गए किसी को उन्हें बुलाने के लिए भेजा गया तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।काफी देर तक दरवाजा नहीं खोलने पर रात में खिड़की तोड़कर देखा गया तो फांसी के फंदे से झूल रहे थे तब लोगों को जानकारी हुई कि एएसआई ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। जैसे ही इस घटना की सूचना शुक्रवार की सुबह होते-होते स्थानीय को लोगों को मिली तो काफी संख्या में लोग थाना परिसर में पहुंच गए।रात में ही परिजनों को सूचना दे दी गयी थी ।शुक्रवार की सुबह परिजन रोते बिलखते थाना परिसर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल औरंगाबाद भेज दिया है।शव के साथ थानाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो के अलावे मृतक एएसआई के परिजन भी औरंगाबाद गए हुए है।एएसआई के आत्महत्या के कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।वैसे तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू है।परिजन जब दाउदनगर पहुंचे तो तत्कालिक तौर पर उनके द्वारा छुट्टी नहीं देने और विभागीय अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया जा रहा था।करीब दो दिन पहले दो मछली विक्रेताओं द्वारा पुलिस के जवानों एवं क्यूआरटी टीम पर मछली छीन लेने का आरोप लगाया गया था ।हालांकि बाद में मछली विक्रेताओं द्वारा एक आवेदन भी दिया गया था, जिसमें उनके द्वारा स्पष्ट किया गया था कि पुलिसकर्मियों द्वारा कोई ऐसी घटना कारित नहीं की गयी है ।इन सबके बीच वे मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। पुलिस महकमे के कुछ लोगों ने बताया कि मामले के समाप्त होने के बाद भी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बार-बार स्पष्टीकरण की मांग की जा रही थी और उन्हें बुलाया जा रहा था।इसे भी घटना की कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। अन्य तरह की चर्चाओं का दौर भी शुरू है।फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।एसपी दीपक बरनवाल ने रात्रि में मीडियाकर्मियों को बताया कि न तो एएसआई का वेतन बंद था और न ही छुट्टी से संबंधित कोई मामला था ।मछली लूट में आरोप लगने की साधारण बात थी और इसमें कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है ।मृतक लखीसराय जिले के पीड़ी बाजार थाना क्षेत्र के कसबा पंचायत के अभयपुर गांव के निवासी थे।