जब तक सूरज चांद रहेगा, डॉ. वासुदेव का नाम रहेगा के नारे से गूंज उठा दाउदनगर


दाउदनगर शहर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वासुदेव प्रसाद के निधन पर शोक व्यक्त करने का सिलसिला जारी है।वहीं गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार दाउदनगर के सोनतटीय क्षेत्र पर किया गया। इससे पहले उनकी शव यात्रा निकाली गई ,जो उनके दुर्गा पथ स्थित आवास से निकल कर पटवाटोली मुख्य बाजार होते हुए सोनतटीय क्षेत्र स्थित काली स्थान घाट पहुंची,जहां उनके पुत्र डॉ धीरेंद्र कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दिया ।उनकी फूल माला से सजी हुई यात्रा पूरे बाजार में घुमी। शव यात्रा में शामिल लोग “डॉ वासुदेव अमर रहें, जब तक सूरज चांद रहेगा, डॉ वासुदेव का नाम रहेगा जैसे” नारे लगा रहे थे उनके शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे। जिन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचने वालों में ओबरा विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा ,जदयू के वरिष्ठ नेता प्रमोद सिंह चंद्रवंशी, पूर्व प्रत्याशी चंद्र भूषण वर्मा, रालोसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ बबलू, रंजीत कुमार ,योगेंद्र वर्मा, सत्येंद्र पासवान ,महेंद्र पासवान, भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय मेहता ,भाजपा जिला प्रवक्ता अश्विनी कुमार तिवारी, भाजपा नगर अध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि शंभू कुमार, पूर्व वार्ड पार्षद रविंद्र प्रसाद, विद्या निकेतन ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ आनंद प्रकाश एवं विद्यासागर ,राजद प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह आदि शामिल रहे।विख्यात चिकित्सक डॉ विनोद कुमार ,डॉ. श्रीमती रंजू, डॉ पुष्पेंद्र कुमार, डॉ संजय कुमार, डॉ मनोज कुमार ने भी उनके आवास पर पहुंचकर शोक जताया।

1974-75 में दाउदनगर में हुआ था आगमन:
डॉ.वासुदेव प्रसाद की पहचान दाउदनगर में प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में थी।वे मूल रुप से रोहतास जिले के डेहरी स्थित मोहन बिगहा के निवासी थे और 1974-75 में दाउदनगर में उनका आगमन हुआ था और दाउदनगर ही उनकी कर्मस्थली बन चुकी थी।शुरुआत में वे पुराना शहर स्थित स्व झब्बर साव के मकान में रहे थे उसके बाद एक दो जगह आवास बदलते हुए स्थायी तौर पर दुर्गा पथ में मकान बनाकर रह रहे थे साथ ही क्लिनिक चला रहे थे।

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