
हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन मुस्लिम भाईयों ने धूमधाम से मनाया। पैगम्बर मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के मौके पर शहर में रविवार को जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में हजारों लोग शामिल थे।मदरसा इस्लामिया दाउदनगर से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मौलाबाग स्थित नवाब साहब के मजार पर पहुंचा, जहां फातेया किया गया। वापस मदरसा इस्लामिया में आकर जुलूस समाप्त हुआ। इमाम ने अमन और चैन की दुआ मांगी।मुन्ना अज़ीज़ ने बताया कि मो. अरबी पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए और मोहम्मद के जन्म के मौके पर दुनिया को सजाया। हजरत मोहम्मद सलाहो अलहे वसलम ने इबादत में झूठी प्रशंसा, गरीबों को हीन भावना से देखना, समाज के कमजोर तबकों पर हो रहे जुल्म का विरोध किया। शाहिद कय्यूम, रहबर,मंसूर ,आशिफ़ ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब का मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम आज भी प्रासंगिक है। उनका जीवन इंसानियत के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। इनका जन्म अरब में सन 571 ईस्वी में हुआ।जुलूस के दौरान विभिन्न स्थानों पर लंगर का इंतजाम किया गया था।मदरसा इस्लामियां के पास,अंजान शहीद एवं बाजार में हमदर्द दवाखाना के पास एवं अन्य जगह भी इंतजाम देखने को मिला।काफी संख्या में जुलूस में लोग शामिल थे।वहीं तरार में भी जुलूस निकाला गया।

