बेहतर एक्टर बनने की बारीकियों का दिया गया प्रशिक्षण


दाउदनगर में आयोजित तीन दिवसीय थियेटर एक्टिंग वर्कशॉप का समापन दीक्षांत समारोह से हुआ। यह आयोजन कला प्रभा संगम द्वारा किया गया था।इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में तीस प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों को फिल्म निर्देशक व प्रशिक्षक डॉ धर्मवीर भारती द्वारा नाटक कला के विभिन्न आयामों पर प्रशिक्षण सिद्धांतो और प्रयोगात्मक शैली से दिया गया।कार्यशाला सहायक के रूप में एडिटर और सिनेमेटोग्राफर पप्पू कुमार प्रकाश रहे।डॉ. भारती ने गुरु-शिष्य परंपरा का पालन करते हुए नवोदित कलाकरो को नाट्यशास्त्र की पद्धति पर नाट्यकला की सेवा हेतु पान, सुपारी, पुष्प, अक्षत, जल, द्रव्य और प्रज्वलित दीपक को साक्षी मानकर संकल्प और दीक्षा दी और रक्षासूत्र बांध कर अपना नाट्यशिष्य बनाया।कला प्रभा संगम के अध्यक्ष अंजन सिंह, निदेशक विजय चौबे और उपाध्यक्ष मनोज मुस्कान ने बताया कि प्रशिक्षक नाटक गुरु डॉ धर्मवीर भारती ने नए कलाकारों को भरत मुनि के नाट्यशास्त्र के आधार पर टेक्निक फॉर एक्टर, थियेटर गेम एंड एक्सरसाइज, क्लोवनिंग, इमेजिनेशन एंड ऑब्जर्वेशन, वॉइस एंड स्पीच, इंट्रोडक्शन ऑफ मैथड एक्टिंग, इम्प्रोवाइजेशन, टुवर्ड्स मेकिंग, एक्शन प्रॉब्लम, सीन वर्क जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बेहतर एक्टर बनने का बारीकी से प्रशिक्षण दिया।संस्था के सचिव गोविंदा राज एवं संयोजक चंदन चौरसिया ने बताया कि कला प्रभा संगम की यह गठित नाटक टीम डॉ धर्मवीर भारती के निर्देशन में जल्द ही नेपाल, गोवा, जयपुर, दिल्ली के मंडी हाउस, शिमला, देहरादून, मुम्बई के पृथ्वी थियेटर, पटना, डेहरी ऑन सोन, गया, औरंगाबाद और दाउदनगर में नाटक कला का प्रदर्शन करेगी।संस्था के शुभचिंतक समाजसेवी डॉ प्रकाश चंद्रा ने बताया कि सभी प्रशिक्षित नवोदित रंगाभिनेताओं को ख़ास प्रशिक्षण की विशेष आवश्यकता थी, प्रशिक्षण से अभिनेता मानसिक रूप से तैयार रहते है कि उन्हें अपने अभिनय करियर के लिए करना क्या है? धर्मवीर भारती से प्रशिक्षण दिलाने का उद्देश्य था कि कलाकार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली और एफटीआई पुणे में कला की उच्च स्तरीय पढ़ाई के लिए नामांकन हेतु योग्य बन सके।संस्था के संरक्षक वीएन ग्रुप ऑफ स्कूल्स आनंद प्रकाश सीईओ ने कहा कि डॉ भारती ने विगत वर्षों में दाउदनगर और औरंगाबाद के नवोदित और वरिष्ठ नाट्यकर्मियों के साथ अपने निर्देशन में देश के कई राज्यों में मंचन कर सर्वश्रेष्ठ नाट्य टीम का परचम लहराया है।समापन समारोह में बिहार के आधुनिक रंगमंच के पितामह सतीश आनंद पर बनी लगभग दस मिनट की बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई।इस कार्यशाला में शामिल कुल 45 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।इस मौके पर रंगकर्मी दिनु गुप्ता,ब्रजेश कुमार,अभय कुमार,शम्भु शरण सत्यार्थी ,अरविंद कुमार ,रणवीर भारती, विद्यासागर, आलोक टंडन,रौशन सिन्हा,डाँ मनोज कुमार ,चिन्टू मिश्रा, प्रफुल चन्द्रा,अरुण कुमार गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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