लोक कलाकारों ने सांसद से मिलकर लोकोत्सव कराने के लिए पहल करने का किया मांग।


नगर परिषद द्वारा नकल अभिनय प्रतियोगिता का आयोजन इस वर्ष भी नही कराए जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय कलाकारों एवं लोगो में नाराजगी देखी जा रही है।लोगो का कहना है जिउतिया को राजकीय दर्जा पाए जाने हेतु नगरपरिषद द्वारा कराया जाना चाहिए था।नगर परिषद ने लोगो की मांग का नज़रअंदाज़ कर रहा है सिर्फ औपचारिकता के लिए चारो चौक पर लाइट देने की बात कह रही है जबकि लाइट के प्रबंध तो चौक कमेटी खुद कर लेती है।अगर जब लाइट ही देना है तो पूरे शहर को सजाया जाए। लोगो मे नगरपरिषद व सभी पार्षदों के प्रति रोष है ।लोगो द्वारा पार्षदों का बहिस्कार करने की भी बात कही जा रही है।स्थानीय लोक कलाकारों ने काराकाट सांसद महाबली सिंह से मिलकर नगर परिषद से जिउतिया लोकोत्सव कराये जाने के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की।उन्हें मांग पत्र भी सौंपा गया। सुनील केसरी, चंदन कुमार समेत अन्य ने सांसद को ज्ञापन सौंपा।इन लोगों द्वारा कहा गया कि दाउदनगर के जिउतिया पर्व एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर है। वर्ष 2016 में तत्कालीन नगर पंचायत बोर्ड द्वारा दाउदनगर में जिउतिया लोकोत्सव कराने का निर्णय लिया गया था। वर्ष 2017 में नगर पर्षद बन जाने के बाद एसडीओ प्रशासक की भूमिका में थे और लोकोत्सव नहीं कराया गया। वर्ष 2018 में नप बोर्ड का गठन हुआ तो जिउतिया लोकोत्सव कराने के लिए मांग पत्र नगर परिषद को सौंपा गया, लेकिन पिछले वर्ष भी यह लोकोत्सव नहीं कराया गया और इस वर्ष भी यह लोकोत्सव नगर परिषद द्वारा नहीं कराया जा रहा है।चंदन कांस्यकार ने बताया कि सांसद ने आश्वासन दिया है कि वह नगर परिषद से बात करेंगे।

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