मां के संघर्ष का मिला फल,बेटे को मिली सफलता

एक मां ने दिव्यांग बेटे को कभी रुकावटों के आगे हार मानने नहीं दिया और इस काबिल बनाया कि बेटे को सीटीईटी बोथ पेपर में सफलता मिली है। एक मां जो पैर से लाचार बेटे को हर दिन अपने कंधे पर क्लास कराने लाती थी ,आज अपने बेटे की सफलता पर फुले नही समा रही है।पटना रोड स्थित विजन क्लासेस के छात्र छोटु सिंह को सीटीईटी बोथ पेपर मे सफलता मिली है। प्रखंड के हसपुरा के पुरहारा गांव निवासी गजाधर सिंह के पुत्र छोटू के सफलता पर हर जगह खुशी का माहौल है।विजन क्लासेस के निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि यह सफलता इसलिए ज्यादा अहमियत रखती है क्योंकि इस सफलता में छोटु सिंह के साथ साथ उनकी माता का है जो अपने सारा घरेलू काम को करके अपने पैर से लाचार बेटे को अपने कंधे पर बैठा कर विजन क्लास करने के लिए लाया करती थी। और प्रतिदिन दरवाजे पर चार घंटो तक बैठ कर इन्तजार करती थी अपने बेटे को घर ले जाने के लिए। निदेशक ने ऐसे मां को सलाम करते हुए कहा कि मालती देवी जैसी मां भगवान सबको दें।
विजन के निदेशक ने कहा कि ये सफलता उनलोगों के लिये उदाहरण है जो विपरीत परिस्थिती मे घबरा जाते हैं और अपने लक्ष्य को बीच में ही छोड़ देते हैं। ये उन मां के लिए समर्पण का उदारहण है जो अपने बच्चो के लिए कुछ भी कर गुजरने की क्षमता रखते हैं।ये उनके लिए उदाहरण है की सफलता पाने के लिए सिर्फ तेज होना जरुरी नही उसके लिए हौसला, दृढ़ निश्चय , धैर्य, और पागलपन की भी आवश्कता होती है।

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