
त्याग, बलिदान व मातम का पर्व मुहर्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण मे मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विभिन्न मुहर्रम कमेटियों द्वारा ताजिया निकाला गया।ताजिया को घुमाते हुए तथा गोल का प्रदर्शन करते हुए ताजिया को मुहर्रम चौकों पर स्थापित किया गया ,जहां काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर परंपरा अनुसार फातया किया।शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सुबह से ही मुहर्रम कमेटी द्वारा ताजिया निकाला जाना शुरू कर दिया गया और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया
। मुहर्रम जुलूस के साथ निर्धारित रूट से ताजिया घुमाने के बाद तथा अखाड़ा में फन- ए- सिपहगिरी का प्रदर्शन करते हुये जुलूस चौकों तक पहुंचा।प्रखंड के चौरी, कनाप, तरारी, तरार, अंकोढ़ा, बाबू अमौना,जिनोरिया,केसराड़ी समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के अलावे दाउदनगर शहर में भी मुहर्रम का त्योहार परंपरा पूर्वक मनाया गया।
मुहर्रम पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र का ताजिया मंगलवार को ही देर रात तक पहलाम कर दिया गया।कुछ ग्रामीण क्षेत्रों का ताजिया एवं शहरी क्षेत्र का ताजिया दाउदनगर के पुराना शहर स्थित इमामबाड़ा परिसर में पहलाम किए जाने की परंपरा चलती आ रही है।जबकि कई गांवो के मुहर्रम कमिटियों द्वारा अपने गांव में ही बने करबला में ताजिया पहलाम किया जाता है।पुराना शहर स्थित करबला में मंगलवार की देर रात तक तरारी,जिनोरिया,मुस्लिमाबाद,केशराड़ी,महावर आदि गांवो का ताजिया पहलाम हो चुका और बुधवार को दाउदनगर शहरी क्षेत्र का ताजीया पहलाम होगा।