डॉ बीके प्रसाद अमर रहें के नारे से गूंजता रहा वातावरण

डॉ बीके प्रसाद अमर रहें” के नारे से पूरा शहर गूंज उठा।दाउदनगर के दिवंगत चिकित्सक डॉ बीके प्रसाद की शव यात्रा में जनसैलाब उमड़ी पड़ी।शव यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।जिधर से शव यात्रा गुज़र रही थी उधर के सड़को व छतों पर लोगों की भीड़ थी।लोग नम आंखों से उनका अंतिम विदाई किया।सभी के जुबान पर बस एक ही बोल था कि शहर ने अपना अभिभावक को खो दिया।यह अपूर्णीय क्षति है।इससे पहले रविवार को उनके पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए उनके आवास पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित किया और उन्हें नमन किया ।अमेरिका से उनके बड़े पुत्र डॉ. संजीव के पहुंचने पर उनकी शव यात्रा निकाली गई। डॉ बीके प्रसाद अमर रहें” के नारे के साथ उनकी शव यात्रा शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए सोन नदी तट पर पहुंची। जहां उनके छोटे पुत्र कीर्ति आजाद ने उन्हें मुखाग्नि दी।विदित हो कि डॉ बीके प्रसाद का निधन शुक्रवार की सुबह उनके आवास पर हो गया था। उनके बड़े पुत्र के इंतजार में उनके शव को जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज में रखा गया था। रविवार की सुबह उनका शव दाउदनगर स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां काफी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं, चिकित्सकों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों एवं महिलाओं- पुरुषों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके मंझले पुत्र रालोसपा के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पार्षद राजीव कुमार उर्फ बबलू समेत अन्य परिजनों से मिलकर शोकाकुल परिजनों को सांत्वना प्रदान किया।वहीं काफी संख्या में प्रमुख लोग उनकी शवयात्रा में शामिल भी रहे और शमशान घाट तक पहुंचे ।पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ,ओबरा विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा ,अरवल विधायक रविंद्र सिंह,जदयू के वरिष्ठ नेता प्रमोद सिंह चंद्रवंशी, भगवान प्रसाद शिवनाथ प्रसाद बीएड कॉलेज के सचिव डॉ प्रकाश चंद्रा,पटना के मशहूर चिकित्सक डा.कृष्ण कुमार सिंह,डा.अशोक कुमार सिंह, कोलकाता से आए अब्दुल कयूम, औरंगाबाद जिले के प्रमुख व्यवसायी परमेश्वर प्रसाद, श्याम किशोर प्रसाद, मोजाहिर आलम, हाफिज खुर्शीद आलम, प्रह्लाद पांडेय,डा.पुष्पेंद्र,डा.मारुतिनंदन,डा चंदन, पूर्व जिप उपाध्यक्ष संजय सिंह सोम, पूर्व मुखिया राधेश्याम सिंह, चिंटू मिश्रा समेत काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को सांत्वना प्रदान किया।
करते थे गरीबो का निशुल्क उपचार:
डाँ बीके प्रसाद निर्धन व गरीब तबके के लोगो का निशुल्क उपचार भी करते थे।जिसके उदाहरण स्वरूप रिक्शा चालक एवं दलित समुदाय के लोग हैं।चोरम आश्रम के मुद्दा उठाने वाले सबसे पहला शख्स थे। गरीब मेघावी विद्यार्थियों को आर्थिक मदद के साथ साथ निशुल्क उपचार,कोई भी छात्र जो बाहर रहता है था अगर बीमार होकर दाउदनगर आता था तो इलाज व निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराते थे।ऐसे कई उदाहरण हैं ।
सबसे खास बात विधायको को विकास से सबंधित सुझाव दिया करते थे।जिनमें से कई विकास कार्य धरातल पर है । ये स्वयं को कभी सामने नही लाए।विधान पार्षद राजन सिंह के ऐच्छिक निधि से इनके घर के पास चापाकल लगाने की योजना आई थीं,लेकिन इन्होंने अपने घर के पास ना लगवा कर उसे बालिका इंटर स्कूल में लगवा दिया जिसका बोर्ड वहां उनके घर के नाम से ही लगा हुआ है।

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