पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत

महिलाओं ने सोमवार को पुत्र-पौत्र की प्राप्ति एवं अकाल मृत्यु से बचाव के लिए पुण्यदायी वट सावित्री व्रत श्रद्धापूर्वक की। अपने अचल सुहाग व मंगलजीवन की कामना की। महिलाओं ने वटवृक्ष के समीप बैठकर पात्र में
सप्तधान्य भर कर उसे दो वस्त्रों से ढंक कर दूसरे पात्र में ब्रह्मा-सावित्री तथा सत्य सावित्री की मूर्ति स्थापित कर धूप-दीप,गंध,अक्षत से पूजन किया। उसके बाद वट को सूत लपेटकर उसकी पूजा कर परिक्रमा की। इस व्रत के दिन गरीबों व ब्राह्मणों को वस्त्र दान कर भोजन कराकर उनसे आशीर्वाद लिया। स्कंद पुराण के अनुसार यह पर्व ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। इस व्रत का प्रारंभ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से ही हो जाता है। जिसमें संकल्प के उपरांत तीन दिन तक उपवास किया जाता है। चावल बाजार शिवमंदिर, जिंदा नाथ मंदिर,भूत नाथ मंदिर, तरंग होटल के पास स्थित वट वृक्ष सहित अन्य स्थानों के वट वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना की गयी।वट वृक्ष की परिक्रमा किया गया।

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