कानों में आज भी गूंजती है, दाउदनगर की आवाज़

दाउदनगर की आवाज़ कार्यक्रम को दो सप्ताह हो गए पर आज भी कानो में उन गायकों की आवाज़ गूंज रही है वैसा हो भी क्यूँ नहीं आखिर यह दाउदनगर की आवाज़ जो है. कार्यक्रम के बाद गायकों, दर्शकों तथा निर्णायक मण्डली में ख़ुशी देखने को मिली और इस प्रकार का आयोजन लोगों को पसंद आया. कुछ कमियाँ भी रहीं जिसे प्रतिभागियों तथा दर्शकों ने हमतक पहुंचाई है. पोर्टल के सदस्यों ने हरसंभव सभी प्रतिभागियों से संपर्क करने का प्रयास किया है और जो भी लोगों का बक्तव्य हमारे पास आया है उसे पूरी पारदर्शिता के साथ इस रिपोर्ट के माध्यम से डालने का प्रयास किया है. सभी के विचार का सम्मान करते हुए उन सबको धन्यवाद देते हैं और जो भी कमियाँ बताई गई हैं अगले कार्यक्रम में उसे सुधरने का हर संभव प्रयास किया जायेगा.

आप भी पढ़ें किसने क्या कहा

monti-keshriकार्यक्रम बहुत अच्छा लगा और मैं बहुत खुश हूँ कि इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर दाउदनगर की आवाज़ का ख़िताब जीता. मैं जब 10 वर्ष का था तब से गाना गाने पापा के साथ ओर्केस्ट्रा में जाया करता था उसके साथ साथ मेरा एक छोटा सा दुकान है जिसमे मैं काम भी करता हूँ. इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सुबह 5 से 7 बजे तक तथा शाम 7 बजे से 9 बजे तक रेयाज़ करता था तब जाकर मुझे इस ख़िताब कि प्राप्ति हुई है. दाउदनगर.इन तथा नवज्योति शिक्षा निकेतन से जुड़े सारे लोगों को मैं सतसत नमन करता हूँ. मैं और आगे बढ़कर दाउदनगर का नाम रौशन करना चाहता हूँ.
मोंटी केशरी (विजेता- दाउदनगर कि आवाज़)

 

munni-kumariख़ुशी कि बात यह है कि आपलोगों ने टेक्निकल तरीके से हम जैसे कलाकारों को अपने स्तर से उभरने का मौका दिया. हमारे जैसे कलाकार इस प्रकार के प्रतियोगिता के लिए लालायित रहते हैं. मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूँ जिन्होंने इस प्रकार के आयोजन करने कि सोंची. बहुत पसंद आया कई ऐसे कार्यक्रम होते हैं जिनमे एंट्री फी देनी पड़ती है लेकिन इसमें कुछ भी नहीं लगा जो मुझे अच्छा लगा. अक्सर इस प्रकार के कार्यक्रम में पब्लिक थोड़े देर के लिए मनोरंजन करती है मगर इस आयोजन में अंत तक लोग कार्यक्रम का मज़ा लेते रहे. ऐसा लग रहा था कि मानो हर कोई इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया हो. बिच बिच में पब्लिक से प्रश्न पूछना अच्छा लगा. भविष्य में इस प्रकार के आयोजन कि उम्मीद करुँगी.
मुन्नी कुमारी (उपविजेता – दाउदनगर की आवाज़)

 

md-imranकार्यक्रम बहुत अच्छा लगा और यह दाउदनगर में पहली बार करोके पर आधारित कार्यक्रम था जो काफी सराहनीये है. जजों के द्वारा दिए गए नंबर पर पारदर्शिता लेन कि आवशयकता है. ऑडीएंस पोल के नंबर को जोड़ने में शायद चुक हुई है.
मोहम्मद इमरान (तृतीय स्थान- दाउदनगर की आवाज़)

 

दर्शको में से रोशन सिन्हा, चिंटु मिश्रा ने कहा की ऑन लाइन वोटिंग लोगो ने सिर्फ टीवी पर ही देखा था लेकिन इस कार्यक्रम में खुद वोटिंग का नया अंनुभव मिला.

नंहक अंसारी और शाहीद अंसारी ने कहा कि आयोजन बहुत अच्छा था और बिच में गोविंदा और मधु के डान्स ने शमा बांध दिया. जमाल अंसारी ने कहा कि इस तरह प्रोग्राम नेता जी इंडोर स्टेडियम में देखा था, ये प्रोग्राम देखकर लगा ही नही कि मै दाउदनगर में हूँ या कोलकता में. सागिल का गाना सुनकर दिल बाग़ बाग़ हो गया. अनिल शर्मा ने कहा की आओजन बहुत बढ़िया था इससे बच्चों में नई ऊर्जा आएगी. अली ने कहा कि दाउदनगर में प्रतिभा की कमी नही है लेकिन कोई इन्हें आगे नही ले जाता था लेकिन ये काम दाउदनगर.इन पोर्टल ने कर दिखाया है.

आपलोगों के द्वारा आयोजीत यह कार्यक्रम दाउदनगर के कला के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा! इसकी सबसी बडी खासियत रही इसका पुर्णत: टेक्नोलौजी पर आधारीत रहना. इस कार्यक्रम के द्वारा ऐसे बच्चों को अपनी प्रतीभा बिना किसी मुश्कील के दिखाने को मिला जिन्हें इस तरह का मंच नहीं मिलता था. इस कार्यक्रम में आफताब राणा तथा संतोष अमन की ऐंकरींग ने चार चाँद लगाने का काम किया. धर्मवीर भारती जैसे राष्ट्रीय स्तर के निर्देशक की उपस्थीती ने कार्यक्रम की गुणवत्ता को मजबुत किया. मेरे हिसाब से यह कार्यक्रम पुरी तरह सफल रहा! इस कार्यक्रम में जितने लोगों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया है मैं सबको नमन करता हूँ.
अनुज पाण्डे (दर्शक)

कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा बावजूद इसके कुछ कमियाँ रहीं जैसे
1. कार्यक्रम के स्तर के मुताबिक जगह छोटा पड़ गया
2. जजों के द्वारा दिए गए नंबर पर पारदर्शिता लानी चाहिए थी
3. पोर्टल के सदस्यों कि संख्या काफी थी जिससे और लोगों को जगह नहीं मिल पाया
4. पुरस्कार कि संख्या 3 के बदले 10 रखनी चाहिए थी
अलोक टंडन (दर्शक)

मोहमंद जावेद अख्तर ने कहा कि ये मेरा किसी मंच पर पहला प्रोफेन्स था लगा ही नही की मैं पहली बार गा रहा हूँ मैं बहुत खुश हूँ मैं हारा या जीता इसका मेरा कोई मलाल नही है लोगों की ताली और शबाशि ही मेरे लिये पुरस्कार से कम नही था. वहीं सागिल अहमद ने आयोजको की जम के तारीफ करते हुए कहा कि इस प्रकार का आयोजन दाउदनगर के इतिहास में पहली बार हुआ है, मैं शीर्ष के तीन में जगह नहीं बना पाया मगर चोथे नंबर पर रहते हुए भी खुश हूँ कि दर्शकों ने मेरे गाने को बहुत पसंद किया. अभिसेक राज ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन और औ भी फ्री एंट्री ऐसा दाउदनगर में पहली बार हुआ. बहुत सारे कलाकारों ने कहा कि अगली बार हम भी भाग लेंगे. पवन मिश्रा ने कहा कि मैं ये मंच मिस कर गया.

गोविंदा राज ने कहा कि कार्यक्रम अच्छा रहा मगर उसमे कुछ कमियाँ रहीं
– कुछ कलाकारों का ट्रैक ढूंडने में समय नष्ट हुआ जिसे बेहतर किया जा सकता था
– सारे जजों का व्यवहार कलाकारों के प्रति अच्छा नहीं रहा जिससे कलाकारों में असंतोष कि भावना बनी
– परफॉरमेंस के बाद जजों के द्वारा गाने की बारीकियों को प्रतिभागियों को बताना चाहिए था जिससे ओ भविष्य में सिख पायें
– कम से कम 10 गायकों को सम्मानित करना चाहिए था

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