
जड़ शरीर का चेतन होना ही प्रभु की सबसे बड़ी कृपा है। प्रभु की कृपा इस संसार के सभी जीवो पर बराबर रूप से बरस रही है ।केवल हमारे अनुभव और प्रभु पर विश्वास रखने की बात है उक्त बातें श्रीरामचरितमानस यज्ञ समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा प्रवचन के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे मानस व्यास पुनीत पाठक ने श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करते हुए कही।उन्होंने कहा कि ग्रंथों का स्वाध्याय सत्कर्म करने में प्रेरणादायक है, इसलिए सत्कर्म करते रहे। वहीं, जबलपुर से पधारीं विदुषी सुनीता शास्त्री जी ने श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की सप्रसंग व्याख्या करते हुए प्रेरक प्रसंग कहे और उन्हें जीवन में उतारने पर बल दिया।इधर, रामनवमी को लेकर शहर में पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। काफी संख्या में श्रद्धालु प्रवचन सुनने शाम में सत्संग नगर स्थित सत्संग स्थल पहुंच रहे हैं और प्रवचन सुन रहे हैं।