
इस वर्ष टोकरी के हिसाब से टोकरी के हिसाब से दर मांगा जा रहा है। जो दर पहले दिया जाता था वही दर लिया जाए।उक्त बातें सब्जी मार्केट के दुकानदारों द्वारा कहा गया जो मंगलवार को नगर परिषद पहुंचे हुए थे।
नए वित्तीय वर्ष में सैरात दर में वृद्धि किए जाने के बाद सब्जी दुकानदार मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए और मुख्य पार्षद प्रतिनिधि एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष यमुना प्रसाद स्वर्णकार एवं उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि केदारनाथ सिंह तथा अन्य वार्ड पार्षदों से मिलकर कोई समाधान निकालने का आग्रह किया। बजाजा रोड स्थित सब्जी मार्केट के दुकानदार विजय प्रसाद, परशुराम मेहता, विजेंद्र मेहता, इंद्रदेव मेहता, रीता कुमारी, हीरामणि देवी, कमला देवी समेत अन्य सब्जी दुकानदार नगर परिषद कार्यालय पहुंचे हुए थे।इनका कहना था कि पूर्व से लोग इन लोगों द्वारा जो दर दिया जा रहा था ,वही दर लिया जाए।पुराना दर लेने के लिए ठेकेदार राजी नहीं हैं।इस वर्ष टोकरी के हिसाब से टोकरी के हिसाब से दर मांगा जा रहा है। इन लोगों ने हस्तक्षेप करने की गुहार जनप्रतिनिधियों से लगाई।दूसरी ओर, नप सूत्रों का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के लिए सब्जी मार्केट का जो सैरात बंदोबस्ती किया गया है,उसमें टोकरी के अनुसार दर निर्धारित किया गया है ।उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि केदारनाथ सिंह ने दुकानदारों को समझाते हुए कहा कि सैरात बंदोबस्ती के दौरान प्रत्येक वर्ष 15% की वृद्धि की कर बंदोबस्ती राशि का डाक बोला जाता है। वैसे मानवीय आधार पर ठेकेदार को बुला कर बात की जाएगी और कोई समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि कुछ ऐसे भी दुकानदार हैं, जिनके द्वारा अधिक संख्या में टोकरी रख दी जाती है। ऐसे दुकानदारों को ही खासकर परेशानी हो रही है।क्योंकि उन्हें चार रुपए प्रति टोकरी के दर से ठेकेदारी देना पड़ रहा है। वैसे फुटपाथी दुकानदारों के लिए यह राहत भरी बात है कि यदि वे एक या दो टोकरी में सब्जी की दुकान लगाते हैं तो चार रुपए प्रति टोकरी की दर से ठेकेदारी दिए जाने की स्थिति में उन्हें बचत भी हो सकती है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,सब्जी दूकानदार नगर कार्यपालक पदाधिकारी जमाल अख्तर अंसारी से इस संबंध में मिलने पहुंचे थे,जिनके बारे में जानकारी मिली कि वे मंगलवार को एक सड़क दुर्घटना में जख्मी हो गए हैं।इसके बाद इनलोंगों ने जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।