शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है।नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी सोमवार से ही सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।शहर की सफाई कार्य करा रही एजेंसी रफीगंज की संस्था तरक्की ने शहर की सफाई व्यवस्था संभालने से अब हाथ खड़े कर लिए हैं ।एकरारनामा के अनुसार, इस एजेंसी की अवधि 31 मार्च (रविवार) को समाप्त हो गई और उसके बाद यह एजेंसी कार्य कराने को तैयार नहीं है। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी के सचिव को समझाने -बुझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ कारणों से वे तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इधर मार्च महीने में सफाई कार्य के लिए निविदा भी नहीं निकाली गई, जिसके कारण किसी नई एजेंसी का चयन नहीं हो सका। 31 मार्च तक शहर की सफाई की जवाबदेही तरक्की संस्था की थी और एकरारनामा की तिथि समाप्त होने के बाद अब वह सफाई की जवाबदेही लेने से इंकार कर रही है। इसका सीधा असर नगर पर्षद की सफाई व्यवस्था पर पड़ना तय है।सूत्रों ने बताया कि नई निविदा नहीं निकाले जाने के कारण ही किसी नई एजेंसी का चयन नहीं हो सका है और आचार संहिता लागू होने के कारण अब नहीं निविदा निकाली भी नहीं जा सकती है। यदि वही एजेंसी शहर की सफाई पुनः कराने के लिए तैयार होती है, तभी इस समस्या का समाधान हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि कुछ कारणों से एजेंसी सफाई कार्य संभालने की जवाबदेही पुनः लेने को तैयार नहीं हो रही है। जिस पर बातचीत करने एवं समझने-बुझाने का दौर शुरू है।इस संबंध में पूछे जाने पर नगर कार्यपालक पदाधिकारी जमाल अख्तर अंसारी ने बताया कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नप के सफाई कर्मचारियों से कार्य कराया जाएगा,लेकिन यह पर्याप्त नहीं होगा। एजेंसी के सचिव को समझाने- बुझाने की कोशिश की जा रही है ।